मंडलायुक्त झांसी के राममोहन राव ने शनिवार को कोंच तहसील के चार गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सरकार द्वारा संचालित योजनाओं में पात्रों को मिलने वाले लाभ की समीक्षा की। इसमें कई जगह उन्हें खामियां मिलीं जिस पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी। इस दौरान कई अधिकारियोें को प्रतिकूल प्रविष्टि तो कुछ
के वेतन रोकने की संस्तुति की। ग्राम जखौली में तमाम गरीब पात्र गृहस्थियों के सूची में न होने पर उन्होंने डीएसओ को कड़ी चेतावनी दी तो वहीं सेक्रेटरी व लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि देने की सिफारिश की। अधिकारियों से दो टूक कहा कि गरीबों के लिए चल रही योजनाओं का लाभ उनको मिलना चाहिए। कहा कि कार्यप्रणाली में सुधार लाएं वरना कार्रवाई
के लिए तैयार रहें। कमिश्नर का पहला पड़ाव शनिवार को तहसील कोंच के ग्राम पिंडारी में रहा। यहां ग्राम प्रधान कृष्णकुमार निरंजन ने मंडलायुक्त, एसपी एके त्रिपाठी, सीडीओ एसपी सिंह, एडीएम आनंदकुमार, सपा जिलाध्यक्ष चौधरी धीरेंद्र यादव को बुके देकर उनका स्वागत किया। पाठशाला में लगाई गई चौपाल में उन्होंने अंत्योदय के 55 कार्डधारकों के
सत्यापन में पाया कि सभी को राहत पैकेट मिले हैं। पात्र गृहस्थियों की 181 की सूची बताई गई तो कई लोगों ने अपनी पीड़ा बतानी शुरू कर दी। उनका कहना था कि वे लोग गरीब हैं लेकिन उनके नाम पात्रों की सूची में नहीं जोड़े गए हैं। इससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इस पर कमिश्नर ने सेक्रेटरी को फटकार लगाई। कहा कि भले ही पात्र
गृहस्थियों का प्रतिशत निर्धारित से भी ऊपर तक क्यों न चला जाए लेकिन कोई भी गरीब छूटना नहीं चाहिए। कमिश्नर के पूछने पर पात्र ग्रामीणों ने सफेद स्लिप नहीं मिलने की बात कही। इस पर डीएसओ और सेक्रेटरी को फटकार झेलनी पड़ी। डीएसओ से तो उन पर कार्रवाई तक को कह दिया। उन्होंने कहा कि जो जो वाकई गरीब हैं और पात्रता सूची में नहीं हैं
उन्हें तत्काल जोड़ा जाए। पट्टों की नाप या चकरोड आदि पर अवैध कब्जों को लेकर आईं शिकायतों पर लेखपाल को फटकार लगाते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश दिए। कोटेदार के छह माह से मेडिकल पर होने की आई शिकायत पर उन्होंने कहा कि उसे एक सप्ताह की नोटिस देकर उसके काम पर लौटने के बावत पूछा जाए। अन्यथा की स्थिति में खुली बैठक करके कोटा किसी और के नाम आवंटित कर दिया जाए।
कमिश्नर के सामने दो पक्षों में तू-तू मैं-मैं
उस समय बड़ी ही अजीब स्थिति पैदा हो गई जब कमिश्नर के सामने दो पक्षों में जमकर तू-तू मैं-मैं हुई। आखिर में कमिश्नर को दोनों पक्षों को कड़ी फटकार लगानी पड़ी तब जाकर शांत हुए। मामला जखौली गांव के प्राचीन मंदिर की जमीन का था। इसमें एक पक्ष ने दूसरे पर मंदिर की जमीन को फर्जी तरीके से अपने नाम करा लेने और कब्जा करने की बात कही। आयुक्त ने एफआईआर कराने और संबंधित अधिकारियों से इसकी जांच कराकर दोषियों को सजा देने के आदेश दिए।
योजनाओं का सत्यापन किया
इधर, ग्राम पिंडारी, चंदुर्रा और घुसिया में भी चौपाल लगा कर कमिश्नर ने विभिन्न योजनाओं का सत्यापन किया। इनमें छिटपुट खामियां मिली। इस पर उन्होंने संबंधित लोगों को एक सप्ताह के भीतर काम पूरा कर लेने की चेतावनी दी। पिंडारी की प्रधान डिंपल पालीवाल ने अधिकारियों को बुके देकर उनका स्वागत किया। कमिश्नर ने मनरेगा, समाजवादी, वृद्धावस्था, विकलांग पेंशन आदि के बारे में जानकारी दी।