गांव के बच्चों को गांव में ही गुणवत्ता परक शिक्षा मिले, इसके लिए शासन ने सूबे के 258 उच्च प्राथमिक विद्यालयों का उच्चीकरण कर उन्हें राजकीय हाईस्कूल का दर्जा दे दिया है। साथ ही जुलाई से इनमें कक्षा 9 में प्रवेश लेने की भी अनुमति दे दी है। जिले में ऐसे चार विद्यालय हैं जिसमें डकोर ब्लाक में एक, कुठौंद में एक और महेबा में दो उच्च प्राथमिक विद्यालय
उच्चीकृत कर राजकीय हाईस्कूल बनाए गए हैं। गांवों से अधिक दूरी पर हाईस्कूल व इंटरमीडिएट विद्यालय होने पर अभिभावक अपने बच्चों की शिक्षा कक्षा 8 के बाद बंद कर देते हैं। इसमें सबसे ज्यादा संख्या बालिकाओं की होती है। जब गांवों में राजकीय हाईस्कूलों की स्थापना होगी तो गांव की बालिकाओं की कक्षा 8 के बाद पढ़ाई सुचारु रूप से चल सकेगी। शासन
ने सूबे के 258 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को राजकीय हाईस्कूल में परिवर्तित कर दिया है। इनमें डकोर ब्लाक का उच्च प्राथमिक विद्यालय ऐर, कुठौंद ब्लाक का उच्च प्राथमिक विद्यालय अजीतापुर, महेबा ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय सरसेला व कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय दमरास भी शामिल हैं। इन विद्यालयों में जुलाई से कक्षा 9 में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। इन
विद्यालयों की 9 व 10 की कक्षाओं के संचालन के लिए जिले के अन्य राजकीय मध्यमिक विद्यालयों से शिक्षक व शिक्षिकाएं संबद्ध की जाएंगी। इतना ही नहीं, ये शिक्षक एवं शिक्षिकाएं इन विद्यालयों में तब तक पढ़ाएंगे जब तक कि इन विद्यालयों के सृजित पद पर नए शिक्षकों की तैनाती नहीं हो जाती।
वर्जन
जिन उच्च प्राथमिक विद्यालयों को उच्चीकृत कर राजकीय हाईस्कूल बनाया गया है, इसमें कुछ विद्यालयों में जमीन की समस्या आ रही है, इसे जल्द ही पूरा कर नए सत्र में प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी।-राजेंद्र बाबू, डीआईओएस