धीरे-धीरे ही सही अमर उजाला की मुहिम रंग लाने लगी है। शहर की अधिकतर आटो
पार्ट की दुकानों पर इन दिनों हेलमेट खरीदने वालों की भीड़ जुटने लगी है।
पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद हो गया है जिसके चलते चेकिंग बढ़ गई है। लोगों को
प्राथमिक तौर पर पुलिस चेतावनी देकर छोड़ रही है जिसके बाद वे सीधे हेलमेट
की दुकानों पर पहुंच रहे हैं। इसके अलावा
हेलमेट से होने वाले फायदों के
संबंध में जागरूक होकर भी कई युवा हेलमेट खरीद रहे हैं। बताते चलें कि
आए दिन बाइक सवारों के साथ होने वाले हादसों ये बात सामने आती है कि सवार
हेलमेट न होने से ज्यादा घायल या फिर मौत के मुंह में चला गया। इसको लेकर
अमर उजाला ने लोगों को जागरूक करने की मुहिम चला रखी है। इसके माध्यम से
ट्रैफिक नियमों
के अनुसार हेलमेट पहनने से होने वाले फायदों की लगातार
जानकारी दी जा रही है। इसके चलते सतर्क हुए पुलिस व ट्रैफिक विभाग ने भी इस
दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। इसका सकारात्मक परिणाम सामने आने लगा
है। लोग जागरूक
होकर हेलमेट की उपयोगिता समझ रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस के
टोकने का बाद बाइक सवार सीधे हेलमेट की दुकान पर पहुंचकर इसे खरीद रहे हैं।
साथ ही सड़कों पर भा अधिकांश मोटरसाइकिल सवार हेलमेट लगाए दिखाई देने लगे
हैं। ये लोग अन्य लोगों को भी बाइक आदि चलाते समय हेलमेट पहनने के लिए
जागरूक कर रहे हैं।
हेलमेट धारक युवा बने प्रेरणा
अमर उजाला ने
कई ऐसे युवाओं की खबर छापी जो हेलमेट पहनकर चलते हैं। अपने जीवन में किसी
दुर्घटना से सबक लेते हुए उन्होंने दूसरों को भी जागरूक करने का फैसला
लिया। इन युवाओं से सबक लेते हुए क्षेत्र के अन्य युवाओं ने भी हेलमेट
खरीदने और ट्रैफिक नियमों की पालना का निर्णय लिया।
आईएसआई मार्का हेलमेट ही पहनें
दुकानदार
निखिल शुक्ला ने बताया कि बाजार में आईएसआई मार्का हेलमेट की मांग बढ़ी
है। ये हेलमेट सुरक्षित होते हैं और इन्हें ही प्रयोग में लाना चाहिए।
बाजार में इनकी कीमत 350 से 2000 रुपये तक है। हादसा होने पर यह हेलमेट सिर
को पूरी सुरक्षा देते हैं। वही सस्ता हेलमेट टूट जाता है। उन्होंने बताया
पिछले कुछ दिनों से बड़ी संख्या में लोग हेलमेट खरीद रहे हैं।
लोगों में आई जागरूकता
आटो
पार्ट्स विक्रेता आशुतोष ने बताया कि अमर उजाला के अभियान के बाद अब लोगों
में जागरूकता आ रही है। शायद यही वजह है कि लोग हेलमेट पहनने लगे हैं।
जिनके पास नहीं है वे खरीदने को उत्सुक हैं। बताया कि उनके पास हर रेंज का
हेलमेट है। अब यह ग्राहक के ऊपर होता है कि वह कौन सा पसंद करता है।
वर्जन
अब
स्कूलों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को हेलमेट के फायदों और इसकी
अनिवार्यता के विषय में बताया जा रहा है। इससे उनमें जागरूकता भी आई है।
उसका नतीजा यह हुआ कि अब बच्चे अपने अभिभावकों को बिना हेलमेट के घर से
बाहर नहीं जाने दे रहे हैं। सड़क पर इसका नतीजा भी देखने को मिल रहा है और
लोग अब हेलमेट पहन कर चल रहे हैं। - अखिलेश उमराव, यातायात निरीक्षक
प्राथमिक
तौर पर हेलमेट न लगाकर चलने वालों को अभी केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया जा
रहा है। चुनाव बाद ऐसे लोगों का बाकायदा चालान किया जाएगा। जरूरत हुई तो
उनके वाहनों को सीज भी किया जाएगा। ट्रैफिक नियमों के अनुरूप हेलमेट पहनना
अनिवार्य है। इसका हर संभव पालन कराया जाएगा। फिलहाल पुलिस विभाग लोगों को
इस ओर जागरूक करने में लगा है। - जंगबहादुर सिंह, सीओ