गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुके उरई-कोंच मार्ग को लेकर शासन व प्रशासन की ओर से कोई कदम न उठए जाने से गुस्साए लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को जन संघर्ष मोर्चा के बैनर तले विभिन्न दलों एवं आम लोगों ने कोंच बस स्टैंड तिराहे पर चक्का जाम करके दो घंटे प्रदर्शन किया। लोगों ने जमकर नारेबाजी की और शासन प्रशासन को खूब कोसा। इससे
जहां यातायात व्यवस्था चरमरा गई। वहीं, प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम संजय कुमार व सीओ जंगबहादुर की भी नहीं सुनी। आक्रोशित लोगों ने चेतावनी दी कि समय रहते समस्या का समाधान न किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान यातायात ध्वस्त होने से राहगीर काफी परेशान रहे। जाम हटवाने के लिए रूट
डायवर्जन भी कराया गया। उरई से कोंच तक 28 किमी मार्ग बुरी तरह ध्वस्त है। हालत यह है कि सड़क गड्ढों में है या फिर गड्ढे में सड़क, इसका पता ही नहीं चलता है। बारिश में तो हालात और भी खराब हो गए हैं। इस संदर्भ में लोगों ने कई बार शासन व प्रशासन को ज्ञापन भेजकर सड़क दुरुस्त कराने की मांग की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। इस पर सोमवार
को पूर्व घोषणा के तहत जन संघर्ष मोर्चा सड़क पर उतर आया। चक्का जाम करने उतरे संगठन के पदाधिकारियों को आम लोगों का भी सहयोग मिला। इससे थोड़ी ही देर में जाम लग गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। उन्होंने अधिकारियों की भी नहीं सुनी। सिपाही यातायात को दुरुस्त करने में पसीना बहाते रहे। मौके पर मौजूद कम्युनिस्ट नेता कामरेड कैलाश पाठक, अशोक गुप्ता, दीनदयाल काका आदि लोगों ने कहा कि प्रशासन इस समस्या ध्यान न देगा तो परिणाम बेहद गंभीर होेंगे।
बदला गया वाहनों का रूट
प्रदर्शन करने वालों की वजह से लगा जाम खुलवाने के लिए पुलिस को जिला परिषद जेल रोड से रूट डायवर्जन करना पड़ा। इसके बाद जाम में फंसे छोटे, बडे़ वाहन को निकाला जा सका।
जाम में फंसे बीमार और स्कूली बच्चे
प्रदर्शन और जाम की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ी। टैक्सी छोड़ लोग बच्चों को लेकर पैदल ही अपने गंतव्य की ओर बढ़ लिए। परिवहन विभाग की एक दर्जनों बसें भी फंसी रहीं। रोडवेज बस में यात्रा कर रहे झांसी निवासी बबलू अपनी बीमार मां को लेकर कानपुर से लौट रहा था। बस जाम में फंस गई और दो घंटे तक बबलू की मां बिलबिलाती रही।
चक्का जाम, नहीं चलीं बसें
जिले की जर्जर सड़कों में सबसे ज्यादा खरब तहसील क्षेत्र कोंच की सड़कों को लेकर सोमवार को बस यूनियन ने अपना कड़ा विरोध दर्ज करते हुए व्यापक चक्का जाम किया। इस दौरान कोंच से किसी भी रूट की बसें नहीं चलीं। बसों की बंदी हालांकि पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत थी लेकिन बाहर की सवारियां इससे काफी हलकान रहीं। इसका फायदा उठाते
हुये टैंपो वालों की जमकर चांदी कटी। जालौन, उरई, नदीगांव, बंगरा, महेशपुरा, कैलिया आदि रूटों के लिए एक भी बस नहीं चलने से इन गंतव्यों के लिए चौगुना तक किराया वसूल किया गया। सड़कों के निर्माण की मांग को लेकर सोमवार को बस यूनियन के पदाधिकारी एवं ऑपरेटर्स मारकंडेयश्वर तिराहे पर पहुंचे और आड़ी तिरछी बसे लगा कर जाम लगा
दिया। उन्होंने कहा कि उरई-कोंच, कोंच-कैलिया, कोंच-नदीगांव, कोंच-महेशपुरा, कोंच-बंगरा, कोंच-जालौन, कोंच-एट सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। उधर, यूनियन ने मौके पर पहुंचे एसडीएम गोरेलाल शुक्ला को ज्ञापन दिया। बसों के चक्का जाम की सूचना हालांकि बस यूनियन ने तीन दिन पहले ही प्रशासन को दे दी थी। इस मौके पर बस यूनियन के अध्यक्ष
मल्लू शाह के नेतृत्व में अन्य पदाधिकारियों के साथ बस ऑपरेटर्स रमेश ठाकुर, देवेन्द्र, बच्चन, फिरोज, सरताज, महेन्द्र मौसिया, संजू, संतोष, लल्लू बरी, कल्लू सेठ, रामकुमार सेठ, मोनू ठाकुर, प्रमोद वाजपेयी आदि मौजूद रहे।