आदर्श आचार संहिता लागू होते ही प्रशासन के तेवर कड़े हो गए हैं। आयोग के फरमान को ध्यान में रखते हुए बुधवार को जिलाधिकारी संदीप कौर, एसपी राकेश सिंह के साथ वरिष्ठ अधिकारियोें ने शहर भर में अभियान चलाया। जहां भी प्रत्याशियोें, समाजसेवियों के बैनर, होर्डिंग व कटआउट लगे नजर आए, उन्हें पालिका कर्मियोें ने जेसीबी व बुलडोजर से
या तो गिरा दिया या फिर फाड़कर सड़कों पर फेंक दिया। आयोग का आदेश मिलते ही अधिकारियोें ने जिले में लगी प्रचार सामग्री, पोस्टर, बैनर व होर्डिंग को हटवाना शुरू कर दिया है। बुधवार को डीएम और एसपी ने उरई में खुद इस अभियान की कमान संभाली। जहां भी पोस्टर बैनर देखे गए वहां उन्हें फड़वा या फिर उतरवा दिया गया। अधिकारियों ने शहर में
दीवारों पर प्रत्याशियों की वाल पेंटिंग को भी पुतवाया। इस मौके पर एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य, सीओ अरुण कुमार, कोतवाल संजय कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट एके मिश्रा, एसओजी प्रभारी अरुण तिवारी आदि मौजूद रहे। कालपी प्रतिनिधि के अनुसार चुनाव घोषित होते ही एस डीएम संजय कुमार सिंह, सीओ सुबोध गौतम के नेतृत्व में कोतवाल ईश्वर सिंह आदि के साथ शहर
में लगे पोस्टर, बैनर व होर्डिंग हटाने निकल पड़े। इस दौरान नगर पालिका अवर अभियंता तोताराम, प्रवीण कुमार, हरेंद्र सिंह, प्रमोद दुबे सहित सरकारी कर्मचारियों का दस्ता जेसीबी मशीनों के साथ जुटा रहा। इसी प्रकार जिन-जिन दीवारों में पार्टियों के नारे आदि लिखे थे, उन्हें पुतवाया गया। कदौरा, इटौरा, न्यामतपुर, आटा, जोल्हुपुर आदि जगहों में भी नेताओं व
राजनीतिक पार्टियों की होर्डिंगों को उखड़वा दिया गया। एसडीएम ने बताया कि शिक्षा अधिकारियों लेखपालों एवं कानूनगो को भी निर्देशित किया गया कि जहां कहीं भी पोस्टर, बैनर व होर्डिंग आदि दिखाई दे, उसे तुरंत हटा दिया जाए।