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ट्रक की टक्कर से सीएम के सुरक्षा कर्मी की मौत

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मृतक अमरजीत के परिजनों से बात करते अपर पुलिस अधीक्षक - फोटो : ORAI
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उरई (जालौन)। शहर के बाहर नेशनल हाईवे पर शनिवार देर रात लखनऊ में मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मी की सड़क हादसे में मौत हो गई। वह दतिया के लौटते समय अपनी स्कार्पियो के पास खड़े थे तभी तेज रफ्तार ट्रक कुचलता हुआ निकल गया। सूचना पाकर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। तब साथियों ने बताया कि वे लोग दतिया देवी दर्शन करके लौट रहे थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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जिला देवरिया के ग्राम हरकौली के मूल निवासी अमरजीत यादव (38) पुत्र चिनाई यादव पुलिस महकमे में कांस्टेबल थे। इन दिनों अमरजीत प्रदेश के मुख्यमंत्री की सुरक्षा में ओम भवन में तैनात थे। पिछले आठ दिन से अमरजीत छुट्टी पर चल रहे थे। शनिवार देर रात करीब एक बजे वह अपने दोस्तों उत्तम लोधी, बबलू त्रिवेदी और मृत्युंजय यादव के साथ स्कार्पियो से दतिया में मां पीतांबरा के दर्शन कर घर आ रहे थे। लगातार सफर करने के कारण सभी लोग उरई के बाहर हाईवे पर गाड़ी रोककर फ्रेश होने के लिए उतरे थे। इसी दौरान जब अमरजीत गाड़ी के गेट के पास खड़े होकर बोतल के पानी से हाथ धो रहे थे, तभी पीछे से आया तेज रफ्तार ट्रक उन्हें कुचलते हुए निकल गया। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। आंखों के सामने अमर का लहूलुहान शव देख साथियों ने आनन फानन में पुलिस को सूचना दी।
कोतवाल शिव गोपाल फोर्स के साथ पहुंचे और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कोतवाल ने देर रात ही हादसे की जानकारी लखनऊ में अधिकारियों को दे दी। मामले की जानकारी पाकर रविवार दोपहर को अपर पुलिस अधीक्षक डॉ अवधेश सिंह और सीओ सिटी संतोष कुमार भी अस्पताल पहुंचे और अमर के दोस्तों से बातचीत की। सीओ ने बताया कि अमर सीएम के सुरक्षा कर्मियो के लिए बने ओम भवन में कांस्टेबल के पद पर तैनात था। सुरक्षाकर्मी अमरजीत की मौत की खबर जैसे ही उसकी पत्नी को पता चली तो उसके होश उड़ गए । अमरजीत अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ लखनऊ में ही रहता था।
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भतीजी के लिए मन्नत मांगने गए थे दतिया
उरई । सुरक्षाकर्मी की मौत के बाद उसके दोस्तों ने बताया कि अमरजीत अपनी भतीजी को बहुत प्यार करते थे। भतीजी काफी समय से बीमार चल रही है जिस वजह से अमरजीत ने उसका इलाज कराने के लिए 8 दिन की छुट्टी ली थी। इलाज के साथ ही साथ दुआ व मन्नत भी मानने के लिए अमरजीत उन लोगों के साथ दतिया मां पीतांबरा के दर्शन करने गए थे। क्या पता था कि लौटते वक्त अमर का साथ हमेशा के लिए छूट जाएगा।

क्षतिग्रस्त खड़ी स्कॉर्पियो गाड़ी- फोटो : ORAI

अमरजीत की फाइल फोटो- फोटो : ORAI

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