बजरिया में तैनात पुलिस फोर्स।
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सपा की अल्पसंख्यक महिला प्रत्याशी की हार से बौखलाए मुस्लिम युवाओं ने सीएम अखिलेश यादव का पुतला फूंकने के एलान कर दिया। जिसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। देखते ही देखते मुस्लिम बाहुल्य इलाका बजरिया को छावनी में तब्दील कर दिया गया। वहीं, शहर के अन्य चौराहों पर भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करने के कारण आंदोलनकारी पुतला नहीं फूं क पाए।
मालूम हो कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर आशना खातून को सपा नेतृत्व ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ाया था। सपा के अंर्तकलह के कारण आशना खातून पांच वोटों के अंतर से चुनाव हार गईं। इस पर अल्पसंख्यक समाज के कुछ लोगों ने सपा के खिलाफ बुधवार को बजरिया में नारेबाजी कर सीएम का पुतला फूं कने का एलान कर दिया।
सीएम के पुतला फूं कने की सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने सीओ जंगबहादुर सिंह, कोतवाल जेपी यादव के अलावा आटा, डकोर, कोटरा समेत कई थानों की फोर्स व पीएसी भेजकर बजरिया को छावनी में तब्दील कर दिया। दिन भर पुलिस हलकान रही लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के कारण सीएम का पुतला आंदोलनकारी नहीं फूं क सके।