शराब दुकान पर टंगा गिरे हुए दामों का बैनर।
- फोटो : Amar ujala
जनपद में इन दिनों अवैध शराब की तस्करी देशी शराब कारोबारियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। हालात यह है कि अवैध शराब की बिक्री अधिक होने से राजस्व पर भी बुरा असर पड़ रहा है। सस्ते दामों में मिलने वाली अवैध शराब के कारण ठेकेदारों को स्टाक खत्म करने के लिए रेट तक घटाने पड़ गए हैं।
इसके लिए शराब ठेको के बाहर बाकायदा सस्ते रेट के बैनर भी लगाए गए हैं। अभी तक 69 रुपये में बिक रहा देशी शराब का क्वाटर 50 रुपये में बिकने लगा है। सूत्रों की माने तो तस्करी कर लाई जा रही शराब के कारण बिक्री पर असर पड़ रहा है। मार्च का महीना भी खत्म होने वाला है और लक्ष्य भी पूरा करना है। ऐसे में मजबूर होकर ठेका संचालकों को दाम घटने पड़े हैं।
इस बाबत, आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जाएगा। बता दें कि गैर प्रांतों जैसे मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब समेत इत्यादि क्षेत्रों से चोरीछिपे शराब लाई जा रही है। जिले में आने के बाद इसकी बाकायदा एजेंटों के माध्यम से किराना दुकानों पर सप्लाई की जा रही है।