कोंच। कोंच सीएचसी के महिला शौचालय में शनिवार को पानी भरी बाल्टी में नवजात कन्या का शव मिलने की घटना ने सीएचसी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए है।
परिसर में कैमरे और गार्ड की तैनाती के बावजूद भी महिला शौचालय के भीतर पानी भरी बाल्टी में कोई नवजात कन्या का शव डालकर चला गया और किसी को भनक तक नहीं लगी। लापरवाही का आलम है कि घटना को 24 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी किसी को सीसीटीवी फुटेज खंगालने तक की फुर्सत नहीं मिली है।
कोंच सीएचसी के महिला शौचालय के अंदर शनिवार की सुबह पानी भरी बाल्टी में नवजात कन्या का शव मिलने से खलबली मच गई थी। शौचालय की सफाई करने गए कर्मचारी ने शव देखकर सीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल कुमार शाक्य को सूचना दी थी। उन्होंने कोतवाली पुलिस को घटना की जानकारी दी थी।
शाम को शव का पोस्टमार्टम भी हो गया था। हैरान करने वाली बात यह है कि अस्पताल के महिला शौचालय में नवजात का शव आखिर कब और कैसे डाल गया, घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैंपस में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं और दो-दो गार्डों की तैनाती भी है जो व्यवस्था पर सवाल खड़े करने के लिए काफी है।
अस्पताल में रात को दो गार्डों के अलावा एक डॉक्टर, फार्मासिस्ट, वार्डबॉय, स्वीपर व लेबर रूम में भी स्टाफ की ड्यूटी रहती है। कोतवाल अजीत सिंह का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। अभी कोई तहरीर नहीं आई है।
सीएमओ बोले-कहीं न कहीं स्टाफ से चूक हुई है
रविवार की दोपहर सीएमओ डॉ एनडी शर्मा ने कोंच सीएचसी का मौके का मुआयना किया है। अस्पताल के निरीक्षण के बाद सीएमओ ने बताया कि मामला गंभीर है, जो भी दोषी होगा उसे सजा मिलेगी। उन्होंने बताया कि कैंपस में 15 कैमरे लगे हैं, जिनमें से कुछ खराब बताए जा रहे हैं। सीएमओ ने दो महिलाओं के परिजनों से बातचीत की। सीएचसी व लेबर रूम के स्टाफ से भी पूछताछ की है। सीएमओ ने कहा कि कहीं न कही अस्पताल स्टाफ की भी चूक है।