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दो झंडे लगाकर भी खाली हाथ रहा चौधरी परिवार

Sun, 12 Mar 2017 08:32 PM IST
अमर उजाला/उरई
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श्याम सुंदर। - फोटो : अमर उजाला
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उरई (जालौन)। सालों से जिले की राजनीति में दखल रखने वाले चौधरी परिवार के हाथ इस विधानसभा चुनाव में भी खाली ही रहे। इंदिरा गांधी के जमाने में जिले को सांसद देने वाले इस चौधरी परिवार में इस बार भी विधानसभा चुनाव के ऐन वक्त पर एक ही मकान में दो दलों के अलग-अलग झंडे भी नजर आए थे। चौधरी श्याम सुंदर सिंह कांग्रेस के जिलाध्यक्ष है। उन पर कालपी और माधौगढ़ से कांग्रेस को जिताने की जिम्मेदारी थी। दोनों ही सीटों पर कांग्रेस दूसरे नहीं बल्कि तीसरे स्थान पर रही। इससे पार्टी की हार पर होने वाली समीक्षा में चौधरी श्यामसुंदर की अध्यक्षी पर सवाल उठेंगे। चौधरी का कहना है कि उनके और संगठन की ओर से उम्मीदवारों को जिताने का हर संभव प्रयास किया गया। अब हार के कारणों पर मंथन किया जाएगा।
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श्यामसुंदर के भतीजे विजय चौधरी इस बार बसपा के टिकट पर उरई की सुरक्षित सीट से चुनाव मैदान में थे। इससे पहले विजय पालिकाध्यक्ष भी रह चुके हैं। इतना ही नहीं 2014 में विजय लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी भी थे और तीसरे नंबर पर रहे थे। विजय की हार का सिलसिला विधानसभा चुनाव में भी खत्म नहीं हुआ। ऐन वक्त पर बसपा प्रत्याशी अजय पंकज का टिकट काटकर चुनाव मैदान में उतरे विजय चौधरी इस चुनाव में भी तीसरे नंबर पर रहे। वर्तमान में विजय की मां गिरिजादेवी पालिकाध्यक्ष है। लगातार मिल रही हार से परिवार की पालिकाध्यक्षी की कुर्सी भी हिल उठी है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में पालिका चुनाव में परिवार का कौन सदस्य किस दल से चुनाव मैदान में उतरेगा।
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