अतिसंवेदनशील चुर्खी जिला पंचायत सीट के जीतामऊ गांव में गुरुवार को मतदान के दौरान जमकर बवाल हुआ। मतदान केंद्र पर पहुंचे जिला पंचायत सदस्य व उनके आधा दर्जन साथियों पर ग्रामीणों ने बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया। इसके बाद दोनों ओर से पथराव हो गया। ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य व उनके साथियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
महिलाओं ने मतपेटियों में पानी डालने का प्रयास किया। बवाल बढ़ने पर एएसपी, एडीएम, तीन क्षेत्रों के एसडीएम व आधा दर्जन थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। इसके बावजूद हालात काबू में नहीं आए। निर्धारित समय से 15 मिनट पहले ही मतदान बंद करा दिया गया।
बवाल के दौरान जिला पंचायत सदस्य व उनके साथियों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। इसके बाद उनको पीट कर कमरे में बंद कर दिया। पुलिस ने उनके साथियों को ग्रामीणों से मुक्त करा दिया। जिला पंचायत सदस्य की तलाश की जा रही है।
गुरुवार को मतदान के दौरान एक प्रत्याशी के समर्थक आधा दर्जन साथियों के साथ क्षेत्र के जीतामऊ मतदान केंद्र पर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां पर इन समर्थकों ने बूथ कैप्चरिंग का प्रयास किया। इसे लेकर गांव की महिलाओं ने विरोध किया तो दूसरे पक्ष द्वारा धक्का मुक्की कर दी गई।
इसके बाद महिलाएं आक्रोशित हो उठीं और उन्होंने बाल्टियों में पानी भरकर मतपेटिकाओं में डालने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद दोनों ओर से पथराव किया गया। ग्रामीणों ने प्रत्याशी के समर्थक और जिला पंचायत सदस्य व उनके साथियों को घेर लिया और बंधक बनाकर जमकर मारपीट की व एक कमरे में बंद कर दिया।
बवाल की सूचना पाकर एएसपी शकील अहमद, एडीएम आनंद कुमार, उरई एसडीएम एबी सिंह, कोंच एसडीएम संजय कुमार, जालौन एसडीएम प्रेमचंद्र यादव, सीओ जालौन महेंद्र सिंह व करीब आधा दर्जन थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने स्थिति संभालने का काफी प्रयास किया लेकिन वह नाकाम रहे।
नतीजतन निर्धारित समय से 15 मिनट पहले मतदान बंद कराना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने जिला पंचायत सदस्य व उनके साथियों की तलाश शुरू कर दी। देर शाम को उनके साथियों को पुलिस ने एक घर से मुक्त कराया। हालांकि अभी जिला पंचायत सदस्य लापता हैं।
उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने गांव में घर-घर जाकर तलाशी शुरू कर दी है। समाचार लिखे जाने तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। बवाल के दौरान ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य व उनके समर्थकों की तीन गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। उन्होंने गाड़ियों के शीशे तोड़ डाले।