देश के प्रथम प्रधानमंत्री चाचा नेहरू की 126वीं जयंती शनिवार को जिले भर
में धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर जगह-जगह कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
इनमें चाचा नेहरू के जीवन पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्र निर्माण में उनके
महत्वपूर्ण योगदान के बारे में बताया गया। साथ ही उनके पदचिन्हों पर चलने
के लिए प्रेरित भी किया गया।
जयंती के मौके पर जिला पंचायत में स्थित
पं. जवाहर लाल नेहरू की मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया। इस मौके पर
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष चौधरी श्याम सुंदर ने कहा कि नेहरू जी आधुनिक भारत
के निर्माता थे। उनकी सोच एकता व अखंडता के साथ विकास परक थी। यहां शहर
अध्यक्ष रेहान सिद्दीकी, रामकुमार दीवौलिया, रामेश्वर दयालदीक्षित, सीताराम
वर्मा, राजीव नारायण मिश्रा, प्रमोद रिछारिया, मणींद्र शर्मा, अययूब
अंसारी, छाया पालीवाल आदि मोजूद रहे। वहीं नेहरू युवा केंद्र ने संगठन का
स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित किया। इस मौके पर अनुराग तिवारी, अग्निवेश
चतुर्वेदी, अंकुर सिंह, सतेंद्र पाठक, शिव कुमार, अरविंद आदि मौजूद रहे।
बुंदेलखंड विकास समिति की ओर से बाल दिवस पर कांशीराम
कालोनी में बच्चों को
फल, कॉपी, पेंसिल, कटर, रबड़, आदि वितरित किए गए। इस मौके पर राहुल यादव,
मनीष विश्वकर्मा, सूर्यप्रकाश रावत, रोहित यादव, हेमंत, मयंक, पल्लवी
श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। इसी क्रम में पूर्व माध्यमिक विद्यालय जगनेवा
में जवाहर लाल नेहरू की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां भूरी
देवी, अजय सिंह, अशर्फी लाल आदि मौजूद रहे।
तुम भी सुधरो, हम भी सुधरें की तर्ज पर चलें
देश में बढ़ रही असहिष्णुता पर कांग्रेसियों ने भी उस वक्त चर्चा की जब वे
देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जयंती मनाने के लिये मियांगंज
में हाजी मोहम्मद अहमद के प्रतिष्ठान पर जुटे। तुम भी सुधरो और हम भी
सुधरें की तर्ज पर चलने का आह्वान भी किया गया।
नेहरू की जयंती पर
आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बार संघ के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ
कांग्रेसी नेता संतलाल अग्रवाल ने कहा कि नेहरूजी ने सांप्रदायिक सौहार्द
की विरासत को संजोने और पंचशील के सिद्धांत को हमेशा मान्यता दी। इसका
जिक्र उन्होंने अपनी जीवनी में भी किया है किंतु आज कतिपय ताकतें उस विरासत
को तहस नहस करने पर आमादा हैैं। ऐसे
में हमें ‘तुम भी सुधरो, हम भी
सुधरें’ की थीम पर चलना होगा। तभी देश आगे बढ सकता है।
वरिष्ठ कांग्रेसी
प्रियाशरण नगाइच, डॉ. एलआर श्रीवास्तव, मिजाजीलाल निरंजन, ब्लॉक अध्यक्ष
कांग्रेस बुद्ध सिंह निरंजन आदि ने भी कहा कि नेहरू के हृदय की कोमलता का
अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें बच्चों से बेशुमार
प्यार था।
इसके चलते बच्चों ने उन्हें चाचा बना लिया और उनके जन्मदिन को बाल दिवस के
रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नगर अध्यक्ष
प्रभुदयाल गौतम ने नेहरू को वर्तमान भारत का निर्माता करार दिया। संचालन
लालप्रताप सिंह ने किया। इस दौरान हाजी सेठ नसरूल्ला, श्रीनारायण दीक्षित,
अहमदखां कड़ू मामा, राजीव दीक्षित, अदनान अहमद, विशाल अहमद आदि मौजूद रहे।
सेठ
बद्रीप्रसाद स्मृति महाविद्यालय में भी नेहरू की जयंती मनाई गई।
कोऑर्डीनेटर कन्हैया नीखर, डायरेक्टर आशुतोष हूंका ने नेहरू के स्वाधीनता
संग्राम में योगदान को याद किया। अंशू पटेल, अजयकुमार गौतम, नम्रता, नीरज,
शिखा मिश्रा, शशांक, जयप्रताप, महेंद्र सिंह, लता, पवन, सुनील, रिंकी,
सोनिया वर्मा आदि मौजूद रहे।