उरई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से आई तीन सदस्यीय टीम ने बुधवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। तीन दिवसीय दौरे पर आई टीम ने जिला अस्पताल में संचालित कुष्ठ, टीबी, मानसिक और वेक्टर बोर्न डिजीज संबंधी बीमारियों के बारे में जानकारी ली।
केंद्रीय टीम की रिसर्च ऑफिसर डीएन गर्ग, सलाहकार आशीष वाजपेयी और तकनीकी अधिकारी हेमंत नेगी की अगुवाई में आई टीम ने सबसे पहले सीएमएस डॉ. आनंद उपाध्याय से मुलाकात की। टीम ने उनसे ओपीडी में मरीजों की संख्या और चिकित्सकों के बारे में जानकारी ली। सीएमएस ने कार्डियोलॉजिस्ट समेत फिजीशियन और अन्य चिकित्सकों की कमी बताई। इसके बाद पैथोलॉजी जाकर जांचों के बारे में भी स्टाफ से जानकारी ली। मौके पर पैथोलॉजिस्ट नहीं मिले। इसके बाद बी ब्लॉक स्थित मनकक्ष जाकर क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट अर्चना विश्वास से मानसिक रोगियों के इलाज के बारे में पूछताछ की।
मानसिक रोग विशेषज्ञ न होने का मामला भी सामने आया। उन्होंने काउंसलिंग किए जा रहे मरीजों का ब्योरा मांगा औ फील्ड विजिट की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने जिला क्षय रोग अधिकार डॉ. डीके भिटौरिया और एसीएमओ व नोडल अधिकारी वेक्टर बोर्न डिजीज डॉ. वीरेंद्र सिंह से बीमारी से संबंधित ब्योरा लिया। टीम के प्रमुख डीएन गर्ग ने बताया कि वह यूपी और उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल देख कर रिपोर्ट शासन को देंगे। उन्होंने बताया कि उनके निरीक्षण का उद्देश्य कुष्ठ, टीबी, मानसिक और वेक्टर बोर्न डिजीज संबंधी बीमारियों के इलाज, जांच में एकरूपता लाना है।