आटा। क्षेत्र में करीब एक दर्जन ऐसी पुलिया और रपटे हैं, जिनमें सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं है। न रेलिंग लगाई गई है न हीं कोई दीवार बनाई गई है। इसके चलते कई बार हादसे भी हो चुके हैं। रात को और कोहरे में यह पुलिया और रपटा ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं। इसके बाद भी जिम्मेदारों ने सालों से कोई ध्यान नहीं दिया।
तहसील कालपी क्षेत्र स्थित आटा-चुर्खी मार्ग पर नून नदी का रपटा, कालपी-चंडौत मार्ग पर हरिशंकरी नहर के नाम से विख्यात सिंचाई विभाग की नहर, आटा-संदी मार्ग पर कालपी रजबहा की टूटी पुलिया ये तीनों स्थान सुरक्षा के लिए खतरा बने हैं। पुलिया टूटी चुकी है तो रपटा में दरार आ गई है। नहर में मिट्टी धंसने लगी है। सबसे बड़ी बात यह है कि जिम्मेदारों ने यहां सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए है। जबकि इन तीनों जगह से रोजाना करीब 30 हजार आबादी और दो हजार से अधिक वाहनों का आवागमन होता है।
केस 1-
बिना रेलिंग के रपटा सुरक्षा के लिए खतरा बना
भदरेखी गांव के बाहर से निकली नून नदी पर रपटे का निर्माण दो दशक पहले निर्माण पूर्व मंत्री श्रीराम पाल ने कराया था। रपटे का निर्माण दो दशक पहले हो गया था, लेकिन अब तक कोई जनप्रतिनिधि वहां रेलिंग नहीं बना सका है। जबसे अब तक बिना रेलिंग के रपटा सुरक्षा के लिए खतरा बना है।
इस रपटा से करीब एक दर्जन से अधिक गांवों के पांच हजार लोगों का आवागमन रहता है। रपटा से सधारा, भदरेखी, परा, हैदलपुर, नसीरपुर, चुर्खी, नूरपुर, खल्ला खांकरी, मुसमरिया, अटरिया गांव के लोग निकलते हैं। हैदलपुर निवासी दीपक वर्मा, रामकुमार, परा निवासी दिलीप पाल, नासिर ने बताया कि बारिश में रपटे के ऊपर से पानी बहता है। इसके अलावा रेलिंग नहीं होने से जान खतरे में डालकर निकलना होता है। एक वर्ष पहले एक कार पुल में चली गई थी, जिसमें चालक को गंभीर चोटें आईं थी।
भदरेखी प्रधान सुनीता देवी ने बताया कि रपटे पर रेलिंग लगवाने के लिए डीएम को पत्र दिया गया था, पर अब तक कुछ नहीं हुआ। पीडब्ल्यूडी के जेई अनिल कुमार ने बताया कि इस रपटा पर वाहनों की स्पीड थामने के लिए कट स्टोन लगाए गए हैं। राज्य सेतु निगम विभाग के अधिकारियों के साथ सर्वे कर स्टीमेट भेजा गया था, पास होने पर काम होगा।
केस- 2
पुलिया के दोनों तरफ नहीं लगाई गई रेलिंग
कालपी चंडौत मार्ग पर हरिशंकरी नहर का निर्माण सिंचाई विभाग द्वारा दो दशक पहले कराया गया था। मार्ग के बीच से नहर निकाल दी गई। लेकिन सुरक्षा के इंतजाम के बिना पुलिया बनवाकर उसमें ईंटों से एक फीट की चुनाई कराकर छोड़ दिया गया। पुलिया के दोनों तरफ रेलिंग नहीं लगवाई गई। तीन दिसंबर को इटौरा की तरफ आ रहा डंपर अनियंत्रित होकर नहर में चला गया था। किसी तरह डंपर चालक-परिचालक ने कूदकर अपनी जान बचाई थी। बड़ी घटना होने से बच गई थी। इस पुलिया से भारी वाहनों के साथ हजारों वाहनों का आवागमन रहता है। बेतवा नहर विभाग के अधिशासी अभियंता धर्मघोष ने बताया कि जिन जगहों पर रेलिंग नहीं है। उनको लगवाया जाएगा।
केस- 3
पुलिया तो बनवा दी पर दोनों तरफ नहीं लगवाई रेलिंग
आटा-संदी मार्ग पर संदी गांव के बाहर से मार्ग के बीच से कालपी रजबहा निकला है। रजबहा के लिए सिंचाई विभाग ने पुलिया तो बनवा दी पर पुलिया के दोनों तरफ रेलिंग नहीं लगवाई। जिससे वाहन सवारों का सफर खतरे से खाली नहीं है। दो वर्ष पहले पुलिया में कार चली गई थी, जिसमें चार सवारियों को चोटें आईं थी। संदी निवासी अश्वनी द्विवेदी, उदय तिवारी, शिवसिंह ने बताया कि इस पुलिया के दोनों तरफ रेलिंग लगने से लोगों का आवागमन में खतरा कम हो जाएगा। पीडब्ल्यूडी जेई अतुल पाल ने बताया कि मार्ग पर बनी पुलिया सिंचाई विभाग के अंडर में आती है। पुलिया पर रेलिंग लगवाने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी जाएगी।