कालपी। विद्युत विभाग के संविदा कर्मी ने अदालत में वाद विचाराधीन होने के बावजूद प्लॉट पर जबरन कब्जे का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत एसडीएम और कोतवाली पुलिस से की गई है। पुलिस ने निर्माण कार्य रुकवाकर पीड़ित को स्टे आर्डर लाने के लिए आठ दिन का समय दिया है।
मोहल्ला राजघाट निवासी संविदा कर्मी अरुण कुमार के मुताबिक, उनके पिता के नाम दर्ज प्लॉट को लेकर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) कालपी की अदालत में वाद विचाराधीन है। उनका आरोप है कि सुनहटा निवासी व्यक्ति और राजघाट के कुछ अज्ञात लोगों के साथ प्लॉट पर कब्जा करने पहुंचे थे। सूचना पर 112 पुलिस मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य रुकवा दिया था।
अरुण कुमार का कहना है कि इसके बाद 12 सितंबर को विपक्षी जेसीबी और ट्रैक्टर लेकर दोबारा प्लॉट पर पहुंचे। न्यायालय में मामला विचाराधीन होने की बात कहकर विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। तहरीर के अनुसार, 19 सितंबर को भी प्लॉट पर निर्माण शुरू कराने का प्रयास किया गया, जिसकी शिकायत एसडीएम और कोतवाली पुलिस से की गई।
पीड़ित का आरोप है कि सोमवार को भी दोबारा कब्जे का प्रयास किया गया और उसे देख लेने की धमकी दी गई।
कोतवाली प्रभारी अजय ब्रह्म तिवारी के अनुसार, प्लॉट का मामला अदालत में लंबित है, लेकिन फिलहाल रोक का कोई आदेश नहीं है। पुलिस ने निर्माण कार्य रुकवा दिया है और पीड़ित को स्टे आर्डर प्रस्तुत करने के लिए आठ दिन का समय दिया गया है।