जालौन। जैसे-जैसे गर्मी का पारा चढ़ रहा है, वैसे-वैसे विद्युत आपूर्ति की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। बिजली विभाग ने नगर के उन फीडरों की पहचान की गई, जिन पर गर्मी के मौसम में अधिक लोड पड़ता है।
इन फीडरों पर लगे 11 वितरण ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता में वृद्धि की गई है। ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ने से उपभोक्ताओं को लगातार और स्थिर बिजली मिल सकेगी।
वर्तमान में जालौन विद्युत उपकेंद्र से 831 ट्रांसफॉर्मर जुड़े हैं, जिनमें मुरलीमनोहर अस्पताल के पास 630 केवीए क्षमता का एक ट्रांसफॉर्मर प्रमुख है। इसके अलावा 400 केवीए के 22, 250 केवीए के 31, 160 केवीए का एक, 100 केवीए के 68, 63 केवीए के 47, 25 केवीए के 661 तथा 16 केवीए के सात ट्रांसफॉर्मर शामिल हैं। विद्युत उपकेंद्र पर बिजली आपूर्ति की क्षमता को मजबूत करने के लिए 10-10 एमवीए क्षमता के दो बड़े ट्रांसफॉर्मर भी सक्रिय हैं।
एसडीओ रामसुधार ने बताया कि जालौन विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 11 केवी का एक नया कृषि फीडर भी उदोतपुरा में तैयार किया जा रहा है। यह फीडर कृषि से जुड़ी लाइनों को सपोर्ट करेगा, जिससे मुख्य नगरीय फीडरों पर भार कम होगा। इससे शहर की बिजली आपूर्ति में स्थायित्व आएगा और ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसानों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा एक नया पावर हाउस बनाने का भी प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। यह पावर हाउस लौना क्षेत्र में स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। यहां 5-5 एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है, सिर्फ ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की प्रतीक्षा है।