उरई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में संविदा चिकित्सकों की भर्ती के लिए सोमवार को विकास भवन में चल रहे वॉक इन इंटरव्यू विवादों के घेरे में आ गए। अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू के नाम पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। नाराज अभ्यर्थी डीएम कार्यालय पहुंच गए और उन्होंने सीएमओ व एनएचएम के डीपीएम की मनमानी के विरोध में शिकायत की। शिकायत के बाद डीएम राजेश कुमार पांडेय ने इंटरव्यू प्रक्रिया स्थगित कर दी। साथ ही नए सिरे से 24, 26 व 28 जुलाई को विकास भवन में मजिस्ट्रेट एवं सीसीटीवी की निगरानी में इंटरव्यू कराने के निर्देश दिए।
एनएचएम के तहत विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ संचालन के लिए संविदा चिकित्सकों की आयुष चिकित्सक के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। संविदा चिकित्सकों के 15 पदों के लिए 274 अभ्यर्थी ने आवेदन दिए थे। 18 व 19 जुलाई को अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की गई। 21 जुलाई को अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि जब वह विकास भवन पहुंचे तो करीब 100 अभ्यर्थियों को इस आधार पर अयोग्य घोषित कर दिया गया कि उनके पास व्यवसायिक प्रशिक्षण का अनुभव नहीं है।
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि चहेतों की भर्ती के लिए ऐन वक्त पर इस तरह की शर्त लगा दी गई है। जबकि इस तरह की शर्त राज्य स्तर पर होने वाली लोकसेवा आयोग की नियुक्तियों में मान्य होती है। अभ्यर्थियों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम राजेश कुमार पांडेय ने नियुक्ति प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। सूचना विभाग की ओर से जारी प्रेस नोट में डीएम ने कहा कि साक्षात्कार मजिस्ट्रेट की निगरानी में कराए जाएंगे। जिसके लिए एडीएम स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया गया है।
डीएम ने साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने पर साक्षात्कार की तिथियों में बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि अब 24, 26 एवं 28 जुलाई को विकास भवन सभागार में साक्षात्कार लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है उन्हें शॉर्टलिस्ट किया गया है। वह सभी आयुष चिकित्सक डिग्रीधारी चिकित्सकों को अपनी साक्षात्कार तिथि पर निर्धारित समय व स्थल पर अपना बायोडाटा, शैक्षिक प्रमाणपत्र, पंजीकरण प्रमाणपत्र, पहचान पत्र व अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना अनिवार्य है। उन्होंने पदों को शीघ्र भरे जाने के निर्देश सीडीओ, एडीएम और सीएमओ को दिए हैं।
फोटो 33-प्रशांत। संवाद
उन्नाव से आए अभ्यर्थी प्रशांत ने बताया कि उन्हें साक्षात्कार की तिथि की सूचना की जानकारी 18 जुलाई पता थी। वह तीन दिन पहले ही उरई आ गए थे। बाद में पता चला कि 21 को साक्षात्कार हैं। सुबह जब पहुंचे तो बताया गया कि बीएएमएस वालों को नहीं लिया जा रहा है। अब शिकायत करने जा रहे हैं।
फोटो 34-संजीव। संवाद
अभ्यर्थी संजीव सिंह ने बताया कि उनसे कहा जा रहा है कि सरकारी अस्पताल में काम करने का सर्टिफिकेट लाओ, जो उनके पास नहीं है, साथ ही वह किसी संविदा कर्मी के पास होता भी नहीं हैं। परेशान होकर घूम रहे हैं, कोई सुनने वाला नहीं है।
फोटो-भूपेंद्र। संवाद
अभ्यर्थी भूपेंद्र ने बताया कि जो शासन की जो गाइडलाइन है, उसके हिसाब से वह पात्र हैं। फिर भी उनका साक्षात्कार नहीं लिया जा रहा है। अब वह इसकी शिकायत करने डीएम के पास जा रहे हैं। देखो क्या होता है।
फोटो-लोकेंद्र। संवाद
अभ्यर्थी लोकेंद्र ने बताया कि जब वह विकास भवन में पहुंचे तो पहले से ही सूची चस्पा थी। प्रशिक्षण के अभाव में उन्हें अयोग्य बता दिया गया है। जबकि यह कहीं पर भी नहीं लिखा है।