उरई। किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने 25 साल की सजा सुनाई और 80 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर दो साल की कारावास भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में तीन को बरी कर दिया।
रामपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने रामपुरा थाने में 3 दिसंबर 2016 को तहरीर देकर बताया था कि गांव के ही हरीबाबू उसकी पत्नी रामसखी समेत तीन लोग उसकी 15 वर्षीय बेटी को बहलाकर ले गए। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ अपहरण सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।
पुलिस विवेचना में कुठौंद थाना क्षेत्र के बिचौली गांव निवासी राहुल पांडेय और उसके पिता सुनील पांडेय का नाम प्रकाश में आया था। पुलिस ने राहुल को 13 अप्रैल 2017 को गिरफ्तार कर उसके पास से किशोरी को खोज लिया था और राहुल को जेल भेज दिया था। किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद कोर्ट में कलम बंद बयान दर्ज कराए गए। जहां किशोरी ने राहुल के खिलाफ दुष्कर्म व अपहरण का बयान दिया था।
पुलिस ने राहुल पांडेय, उसके पिता सुनील पांडेय, हरीबाबू व रामसखी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। गुरुवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें विशेष न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने सुनील पांडेय, हरीबाबू व रामसखी को दोषमुक्त कर दिया। जबकि राहुल को दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए 25 साल की सजा सुनाई। 80 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना की आधी राशि पीड़िता को देने के आदेश दिए। राहुल को जेल भेज दिया गया है।