कोंच। कोविड संक्रमण को लेकर पिछले कई दिनों से बंद गल्ला मंडी को शासन से मिले आदेशों के बाद खोल गया है। पर इसमें कई पाबंदियां भी लगाई गई है। दो टोकन और आधे दिन की व्यवस्था के साथ एक आढ़ती को सिर्फ दो किसानों का माल तौलने की इजाजत है। सारा काम दोपहर 11 बजे तक निपटा होगा। यह फैसला मंडी प्रशासन और गल्ला व्यापारी समिति के बीच हुई बैठक में लिया गया है। अब व्यापारी समिति समय 11 से बढ़ाकर दो बजे तक करना चाहती है।
कोरोना की दूसरी जानलेवा लहर में कई व्यवसायिक गतिविधियों के साथ ही गल्ला व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पिछले 23 अप्रैल से गल्ला मंडी में व्यापारियों की दुकानें बंद हैं। गल्ला कारोबार ठप होने से छोटे-छोटे व्यापारियों के सामने घर परिवार चलाना कठिन हो रहा था। वहीं सरकारी राजस्व में भी जब गिरावट दर्ज की गई तो मंडी परिषद ने दुकानें खुलवाने और व्यापार कार्य शुरू करने के आदेश विभागीय अधीनस्थों को जारी कर दिए। इन्हीं आदेशों के तहत मंडी प्रशासन और गल्ला व्यवसायियों के बीच 17 मई को बातचीत हुई। मंडी सचिव मलखान सिंह और गल्ला व्यापारी समिति के अध्यक्ष अजय रावत के बीच जो सहमति बनी उसमें कोविड गाइडलाइन के तहत पाबंदियां लगाई गई हैं। पर इन्हें स्वीकार करते हुए मंडी में व्यवसाय कार्य प्रारंभ हो गया है। अब गल्ला व्यापारी समिति समय को लेकर संशोधन चाहती है। समिति समय को 11 से बढ़ाकर दो बजे करना चाहती है। इस बाबत एक संयुक्त पत्र विभागीय उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है।
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फोटो-11-अजय रावत
समय को लेकर संतुष्ट नहीं है व्यापारी
गल्ला व्यापारी समिति के अध्यक्ष अजय रावत का कहना है कि मंडी में कामकाज करने की जो व्यवस्था मंडी प्रशासन ने बनाई है उससे सभी व्यापारी संतुष्ट हैं। पर काम समाप्त करने का जो समय दिया गया है, वह अव्यवहारिक है। बैंकों का समय 10 से 2 बजे का है, इस स्थिति में किसानों को भुगतान करने में कठिनाई होगी।
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फोटो-12-मलखान सिंह
कोरोना नियमों का पालन करें व्यापारी
मंडी सचिव मलखान सिंह का कहना है कि यद्यपि कोविड संक्रमण से बचाव बेहद जरूरी है लेकिन कामकाज भी ज्यादा दिनों तक ठप नहीं रखा जा सकता है। उच्चाधिकारियों से इस तरह के आदेश प्राप्त हुए थे कि कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए दुकानें खुलवाई जाएं। इसमें कोरोना के नियमों का सख्ती के साथ पालन कराया जाए।