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Jalaun News: धर्मांतरण की आशंका पर ग्रामीणों से भरी बस पकड़ी, तीन के खिलाफ प्राथमिकी

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फोटो - 04 थाने में मौजूद महिलाएं। संवाद
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कुठौंद (जालाैन)। धर्मांतरण की आशंका में बुधवार की देर शाम ग्रामीणों से भरी एक बस को विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों और स्थानीय युवाओं ने रोक लिया। पुलिस ने महिलाओं समेत 22 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि तीन लोग इनका धर्मांतरण करवाने जा रहे थे। पुलिस ने उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम में प्राथमिकी दर्ज की है।
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विश्व हिंदू परिषद के नेता पंकज शुक्ला ने आरोप लगाया था कि कुछ लोग गरीब परिवारों को बहला-फुसलाकर तथा पैसों, इलाज का प्रलोभन दे ईसाई प्रार्थना सभा में लखनऊ ले जा रहे हैं। आरोप है कि इस दौरान इनका धर्म परिवर्तन करवाया जाना था। सूचना पाकर विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी और स्थानीय युवकों ने संदिग्ध बस को रुकवाकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बस को कब्जे में लिया। उसमें सवार लोगों से पूछताछ की गई। बस में करीब 22 महिलाएं और पुरुष थे।



सूत्रों के मुताबिक सिरसा थाना क्षेत्र के ऊध गांव से कथित रूप से यह नेटवर्क चल जा रहा था। गांवों में जाकर गरीब और जरूरतमंद लोगों को आर्थिक सहायता, इलाज और अन्य मदद का भरोसा देकर बस में बैठाया गया था। मामले के तार मध्यप्रदेश से जुड़े होने की चर्चा है।
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सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी शैलेंद्र बाजपेई, एसडीएम जालौन और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस के अनुसार सिरसा कलार निवासी विवेक कुमार, ऊद निवासी रोहित चौधरी व ऊद हरिपुरा अमित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सीओ शैलेंद्र बाजपेयी का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक मुकेश कुमार गौतम को सौंपी गई है।
महिलाओं को झांसे में लेकर कराते थे धर्म परिवर्तन



बीमारी से मुक्ति और झाड़-फूंक के नाम पर ले जा रहे थे लखनऊ


संवाद न्यूज एजेंसी
कुठौंद। धर्मांतरण के लिए बस से लखनऊ ले जाई जा रही महिलाओं ने पुलिस पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। महिलाओं ने बताया कि गंभीर बीमारियों से मुक्ति दिलाने, झाड़-फूंक कराने और परेशानियों का समाधान कराने का झांसा देकर उन्हें लखनऊ ले जाया जा रहा था। आरोप है कि इसी बहाने धर्म परिवर्तन कराने का खेल चल रहा था।

बताया गया कि गरीब और बीमार लोगों को विशेष रूप से निशाना बनाया जाता था। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन के लिए तैयार किया जाता था। यूपी और एमपी के कई जिलों से लोगों को एकत्रित कर बस के जरिए लखनऊ ले जाने की तैयारी थी। आरोप है कि वर्ग विशेष के कुछ लोगों को सभा आयोजित करने, प्रचार सामग्री बांटने और धार्मिक पुस्तकें वितरित करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

पुलिस के अनुसार बस में करीब 50 लोग सवार थे। सूचना मिलते ही कई लोग मौके से फरार हो गए, जबकि 18 महिलाओं और 4 पुरुषों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

इसमें मरोड़ा थाना कुठौंद निवासी विमला, ऐंघा थाना एट निवासी प्रभा , मानपुरा निवासी सरोज , सींगपुरा निवासी उर्मिला, हदरुख निवासी विमलेशी , मदारीपुर निवासी रीना, कुठौंद निवासी विद्या, उमरी थाना रामपुरा निवासी किरण, मिहोना जिला भिंड निवासी मुन्नी, डेगनपुरवा कन्नौज निवासी माधुरी, लड़सा थाना दबोह जिला भिंड निवासी मिथिला, बाबरपुर औरैया निवासी राजकुमारी, बकेवर इटावा निवासी अंजलि, सोनम, बकेवर इटावा निवासी मुन्नी देवी, बाबरपुर औरैया निवासी मीनू, मिहोना भिंड निवासी कमला व लहार भिंड निवासी राखी हैं। इसके अलावा हिम्मतपुर जालौन निवासी राजकुमार, मरोड़ा निवासी श्रीकांत, रोरा मानपुरा निवासी सुरेंद्र कुमार व रामपुरा निवासी प्रवेंद्र से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और फरार लोगों की तलाश की जा रही है।




आर्थिक मदद और बीमारी ठीक करने का झांसा देकर लोगों को किया जा रहा प्रभावित

कुठौंद। सिरसा कलार थाना क्षेत्र के गांव ऊद, सिरसा कलार, दमरास, अभैदेपुर और मलथुआ में आर्थिक रूप से कमजोर, बीमार और जरूरतमंद लोगों को इलाज, गरीबी दूर करने और प्रार्थना सभा के नाम पर कानपुर व लखनऊ ले जाने का मामला चर्चा में है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग परेशान परिवारों को झांसे में लेकर उन्हें प्रार्थना सभाओं में शामिल होने के लिए तैयार करते हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक लोगों से कहा जाता है कि प्रार्थना सभा में शामिल होने से बीमारी, आर्थिक तंगी और पारिवारिक समस्याएं दूर हो जाएंगी। भरोसा दिलाने के लिए कई लोगों को इलाज कराने के साथ घर खर्च के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।

बताया जा रहा है कि इसके बाद लोगों को गाड़ियों से कानपुर और लखनऊ में आयोजित सभाओं में ले जाया जाता है, जहां उनके रहने और खाने की व्यवस्था भी कराई जाती है। मामले में गांवों के कई लोगों के संपर्क सामने आने की चर्चा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस आरोपितों की कॉल डिटेल और संपर्कों की गहराई से जांच करे, तो इस पूरे मामले से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी उजागर हो सकते हैं। (संवाद)

फोटो - 04 थाने में मौजूद महिलाएं। संवाद

फोटो - 04 थाने में मौजूद महिलाएं। संवाद

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