प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोंच के मदरसा मैदान में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए सपा, बसपा और कांग्रेस पर तीखे हमले किए। कहा कि तीनों ने बुंदेलखंड को छलने का काम किया है। चित्रकूट में सन् 88 में राजीव गांधी ने ग्लास फैक्ट्री का शिलान्यास किया था, जो आज तक नहीं चली। इसी तरह अखिलेश बिना मेट्रो के ही उसकी शुरुआत कर दिए हैं। नोट बंदी
का जिक्र करते हुए कहा कि 8 नवंबर को टीवी पर आने के बाद उन्हें पहली बार महसूस हुआ कि किसी एक मुद्दे पर सपा और बसपा दोनों के सुर एक हुए। दोनों कह रहे थे कि केंद्र सरकार ने तैयारी नहीं की, एक सप्ताह का समय और मिलना चाहिए था। उनकी घबराहट से साफ था कि तैयारी केंद्र नहीं बल्कि सपा और बसपा की नहीं थी। एक सप्ताह का समय उन्हें नोट ठिकाने
लगाने के लिए चाहिए था। जनता से ही पूछा कि आप बताइए यदि एक सप्ताह का समय दिया जाता तो क्या इतना रुपया बैंकों में पहुंच सकता था। गठबंधन को स्कैम का नाम दिया तो उनके नेता इसका अर्थ घोटाला की बजाय सेवा बताने लगे। अब फैसला जनता करेगी कि उसे स्कैम से बाहर आना है कि नहीं। सपा और बसपा की सरकारें मुट्ठी भर लोगों के कब्जे में
रहती हैं। जमीनों पर कब्जे होते हैं, थाने पार्टियों के कार्यालय बनकर रह जाते हैं। भाजपा के सत्ता में आने पर गरीबों की सुनवाई न करने और जमीनों पर कब्जे करने वालों का नया ठिकाना सलाखों के पीछे होगा। कहा कि बुंदेलखंड जिस गड्ढे में पड़ा है, उससे निकलने के लिए उसे लखनऊ और दिल्ली वाले दोनों इंजनों की ताकत चाहिए। इसलिए प्रदेश की भाजपा
सरकार ही केंद्र से मिलकर यहां के विकास को रफ्तार दे सकती है। तीनों चरणों में हुए चुनावों ने साफ कर दिया है कि यूपी में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बन रही है। बस बुंदेलखंड की जनता का भी साथ और चाहिए है।
विकास के चार मंत्र. सिंचाई, पढ़ाई, कमाई और दवाई
पीएम ने कहा कि उनकी नजरों में विकास के चार मंत्र हैं। किसानों को सिंचाई, बच्चों को पढ़ाई, युवाओं को कमाई और बुजुर्गों को दवाई वक्त पर मिले। इस दिशा में उन्होंने काम भी शुरू कर दिया। इसकी शुरुआत स्वास्थ्य सेवाओं से की गई है। गरीबों को लूटने वालों को आज मजबूरन सस्ता इलाज और दवाएं उपलब्ध कराना पड़ रहा है।