उरई। झांसी-कानपुर रेलखंड पर गोरखपुर से मुंबई जा रही ट्रेन नंबर 05325 समर स्पेशल की ब्रेक शू जाम होने से पहियों से धुआं निकलने से खलबली मच गई। इसके चलते ट्रेन को उरई के अलावा दो और स्टेशन मलासा व पुखरायां में रोककर चलाया गया। इसके चलते यात्रियों को परेशानी हुई।
शनिवार को गोरखपुर से मुंबई जाने वाली समर स्पेशल ट्रेन जब कानपुर-झांसी रेलखंड के मालसा स्टेशन से गुजर रही थी। तभी ट्रेन के कोच एस-3 के पहियों से धुआं उठने लगा। गेटमैन ने इसकी सूचना मालसा स्टेशन पर ड्यूटी कर रहे स्टेशन अधीक्षक को दी। इसके चलते ट्रेन मालसा स्टेशन पर 20 मिनट खड़ी रही। जैसे ही ट्रेन मलासा स्टेशन से आगे के लिए रवाना हुई।
कुछ दूर चलने के बाद फिर इस कोच के पहियों से धुआं निकलने लगा। इस पर ट्रेन को पुखरायां स्टेशन पर भी रोका गया। यहां पर इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारी पहुंचे। उन्होंने ट्रेन के रगड़ रहे ब्रेक शू को किसी तरह ठीक किया और ट्रेन को आगे रवाना किया। इस दौरान ट्रेन 17 मिनट तक पुखरायां स्टेशन पर अतिरिक्त खड़ी रही।
इसके बाद जब समर स्पेशल दोपहर 1:12 बजे उरई रेलवे स्टेशन पहुंची तो कंट्रोल रूम की सूचना पर सीएंडडब्ल्यू के सीनियर सेक्शन इंजीनियर रामलखन मीणा अपनी टीम के साथ पहुंचे। फिर उन्होंने एस-3 कोच को चेक किया और एस-3 व एस 2 दोनों कोचों का मशीन से तापमान जांचा। इसके बाद दोनों कोचों के ब्रेक शू चेक किए। बाद में सब ठीक होेने पर सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने कर्मचारियों को ट्रेन के साथ झांसी तक भेजा। इसके चलते ट्रेन 11:14 बजे से 11:25 बजे 11 मिनट से अधिक अतिरिक्त खड़ी रही।
स्टेशन अधीक्षक एसके खरे ने बताया कि कंट्रोल की सूचना पर ट्रेन को सीएंडडब्ल्यू विभाग के कर्मचारियों ने चेक किया। सब ठीक होने के बाद ट्रेन को गंतव्य की ओर रवाना किया गया। सीनियर सेक्शन इंजीनियर का कहना है कि तेज गर्मी और तापमान अधिक होने की वजह से अक्सर इस तरह की दिक्कत आती रहती है। जैसे ही मौसम में ठंडा होगा, इस प्रकार की समस्या नहीं रहेगी।
मालगोदाम के पास झाड़ियों में लगी आग
उरई। उरई स्टेशन के पुराने मालगोदाम के पास दोपहर के साढ़े बारह बजे झाड़ियों में आग लग गई। पास में बने पार्क में तैनात कर्मचारियों ने पंप चालू कर पानी डालकर आग बुझाई। सूचना पर पहुंचे आरपीएफ इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार यादव ने कर्मचारियों से आग लगने का कारण की जानकारी की। बाद में पता चला कि किसी राहगीर में झाड़ियों में सिगरेट फेंक दी थी। उसकी वजह से झाड़ियों में आग लग गई थी। (संवाद)