रामपुरा। छेड़खानी के विरोध में दो पक्षों में लाठी-डंडे चल गए। इसमें एक पक्ष के तीन लोग घायल हो गए। पीड़ित ने थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। आरोप है कि पुलिस ने उसकी तहरीर नहीं ली और बल्कि खुद रिपोर्ट लिखकर अंगूठा लगवा लिया।
थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने बताया कि रविवार सुबह उसकी पुत्री गोबर फेंकने के लिए घूरे पर गई थी। तभी गांव के ही एक युवक ने उससे छेड़खानी कर दी। जब उसने शोर मचाया तो वह परिजनों के साथ घूरे पर पहुंची और उसका विरोध किया। तभी गांव के ही आधा दर्जन से अधिक लोगों ने लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
हमले में श्याम सिंह, मंगला व उसका पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद उक्त लोग जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। पीड़िता ने थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। महिला का आरोप है कि पुलिस उसे न्याय दिलाने की जगह उल्टा डरा धमका रही है। जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल है, इसे झांसी रेफर कर दिया गया है। पुलिस उससे अपनी तहरीर पर अंगूठा लगवा रही है। जबकि उसका डॉक्टरी परीक्षण भी नहीं कराया गया है। थानाध्यक्ष संजीव कटियार का कहना है कि तहरीर मिली है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।