कालपी (उरई)। यमुना पुल से छलांग लगाने वाले कानपुर निवासी राहुल द्विवेदी का शव नौ दिन बाद हमीरपुर में बरामद हुआ। परिजनों ने हाथ में बंधे धागे के आधार पर शव की शिनाख्त की। युवक की मौत की पुष्टि होने के बाद अब बहन और बहनोई के खिलाफ दर्ज आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले की जांच में तेजी आने की संभावना है।
कालपी कोतवाली क्षेत्र में 19 सितंबर को राहगीरों और मछुआरों ने यमुना पुल से एक युवक के नदी में छलांग लगाने की सूचना पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस को पुल पर युवक की बाइक और कुछ अन्य सामान मिला था। इसके बाद पुलिस ने गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश शुरू कराई, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी उसका पता नहीं चल सका था। बाद में युवक की पहचान कानपुर के शास्त्री नगर निवासी राहुल द्विवेदी के रूप में हुई थी। वह टूर एंड ट्रैवल्स का काम करता था।
घटना के बाद मौके पर पहुंची पत्नी वर्तिका द्विवेदी ने पति की मौत के लिए उसकी बहन और बहनोई को जिम्मेदार ठहराया था। उसका कहना था कि पति ने कारोबार के लिए दोनों से कर्ज लिया था। वे रुपये वापस करने का दबाव बना रहे थे और घटना वाले दिन भी उसे धमकाया था। वहीं, राहुल की बहन ने उसकी मौत के लिए पत्नी को जिम्मेदार बताया था। इसके बाद पत्नी की तहरीर पर कालपी कोतवाली पुलिस ने बहन और बहनोई के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में मामले की विवेचना कानपुर के काकादेव थाने स्थानांतरित कर दी गई थी।
इधर, 28 सितंबर को हमीरपुर पुलिस ने यमुना से एक अज्ञात युवक का शव बरामद किया। जानकारी मिलने पर पहुंचे परिजनों और पत्नी ने हाथ में बंधे धागे के आधार पर शव की पहचान राहुल द्विवेदी के रूप में की। शव मिलने से उसकी मौत की पुष्टि हो गई है। अब मामले की जांच में पुलिस को आगे की कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।