पालिका बोर्ड की बैठक में बुधवार को जोरदार हंगामा हुआ। पालिका संचालित चौबे पार्क विवाहघर का किराया बढ़ाने के प्रस्ताव पर डेढ़ दर्जन सभासद भड़क गए। उन्होंने दलील दी कि किराया न बढ़ाया जाए क्योंकि यह गरीबों के लिए बनाया गया है। ईओ व जेई की सभासदों से कई बार बहस हुई। इस पर सभासदों ने हंगामा करते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। बाद
में किराया नहीं बढ़ाने का प्रस्ताव ही पास कर दिया गया। 19 सभासदों ने अगली बोर्ड बैठक में ईओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने के लिए चेयरपर्सन को पत्र भी दिया है। बुधवार को पालिका बोर्ड बैठक चेयरपर्सन विनीता सीरौठिया की अध्यक्षता एवं ईओ विनोद कुमार सोलंकी की मौजूदगी में हुई। इस दौरान निर्माण आदि के 14 प्रस्ताव पारित भी हो गए। इसी बीच
चौबे पार्क विवाहघर का किराया 5500 से बढ़ाकर 11 हजार रुपये करने का प्रस्ताव आया। अधिकांश सभासदों ने तर्क दिया कि यह विवाह घर गरीबों के लिए बनवाया गया है और वे इतना पैसा नहीं दे पाएंगे। इसके साथ ही प्रस्ताव का विरोध कर दिया। सभासद श्यामदास याज्ञिक ने कहा कि किराया पूर्ववत ही रहने देने का प्रस्ताव लिखा जाए। इस पर ईओ
विनोदकुमार सोलंकी व जेई सतीश कमल ने कहा कि जब तक चेयरपर्सन नहीं कहेंगी, यह प्रस्ताव नहीं लिखा जायेगा। इस बात पर तैश में आये सभासदों ने नोकझोंक शुरू कर दी और बैठक का बहिष्कार कर दिया। बाद में चेयरपर्सन विनीता सीरौठिया ने श्यामदास याज्ञिक की मांग के अनुरूप पूर्ववत किराए का प्रस्ताव लिखवाया। चेयरपर्सन ने सभासदों को भी
दोबारा सदन में आने का संदेशा भिजवाया पर सभासद ईओ और जेई के माफी मांगने की मांग पर अड़े रहे। बाद में अमित रावत, असित कुशवाहा, प्रकाश बाल्मीकि, महावीर यादव, ऊषादेवी, राहुल अहिरवार, रानीदेवी, मोमिना बेगम, अवनेश तिवारी आदि सभासदों की मौजूदगी में इस प्रस्ताव को पास कर दिया गया।
सभासदों ने लगाया मनमानी का आरोप
सभासद संजय सोनी, राघवेन्द्र तिवारी, शकील मकरानी, नरेन्द्र मयंक, शकीला बेगम, बादामसिंह कुशवाहा, फहीम काजी, हनीफ, अजय गुप्ता, रजनी कुशवाहा, श्यामदास याज्ञिक,
राजपति, भारती वर्मा, नफीसा बेगम, मनोज इकड़या आदि ने आरोप लगाया कि उनकी कोई बात नहीं सुनी जाती। अधिकारी अपनी मनमानी करते हैं। इन सभासदों ने एक निंदा प्रस्ताव अगली बोर्ड में लाने के लिये पालिका चेयरपर्सन को पत्र भी दिया है। इस दौरान सेेनेट्री इंसपेक्टर अभयसिंह, जेई रामवीरसिंह, विजय अवस्थी, चंद्रप्रकाश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
अभद्रता नहीं की, न ही मांगेंगे माफी-ईओ
हंगामे के केंद्र में रहे ईओ विनोद कुमार सोलंकी ने कहा कि उन्होंने सभासदों के साथ कोई अभद्रता नहीं की है। लिहाजा माफी मांगने का तो सवाल ही नहीं है। कहा कि सभासदों ने प्रस्ताव लिखने के लिए गलत ढंग से बात की। उन्होंने नियम का हवाला देते हुए इतना भर कहा कि जब तक चेयरपर्सन की अनुमति नहीं होगी, वह कैसे प्रस्ताव लिख सकते हैं।