उरई। शहर के उमरारखेड़ा मोहल्ले में दो साल से लोगों को जल संस्थान बिल तो भेज रहा, लेकिन पानी नहीं दे पा रहा है। पानी नहीं मिलने से लोग परेशान हैं। लोगों को दूसरों के घरों से सबमर्सिबल से पानी लाना पड़ रहा है। शिकायत के बावजूद जल संस्थान ने खानापूर्ति ही की। समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया है।
उमरारखेड़ा मोहल्ले के अंतिम छोर पर बसे घरों में दो साल से नलों में पानी नहीं आया है। संदीप कठेरिया, मुस्कान, श्यामदास, रजनी ने बताया कि दो हजार से अधिक की आबादी पानी के संकट से जूझ रही है। लोगों को रोजाना पानी के लिए भटकना पड़ता है। वे कहते हैं कि पानी का असली मोल वही समझ सकता है जो इसके लिए रोज संघर्ष करता हो। हालांकि, जल संस्थान की ओर से हर घर में कनेक्शन और पाइपलाइन दी गई है, लेकिन ऊंचाई पर स्थित आधा दर्जन से अधिक गलियों में पानी नहीं पहुंच रहा है। नीचे की गलियों में कुछ हद तक पानी आ रहा है।
मोहल्ले के लोगों ने पिछले वर्ष जिलाधिकारी से शिकायत करने के साथ विरोध प्रदर्शन किया था। इस पर जल संस्थान के कर्मचारी इलाके में पहुंचे और कुछ समय के लिए पाइपलाइन में ‘वॉल’ लगाकर सप्लाई की गई। अब फिर नलों ने पानी देना बंद कर दिया है।
हर साल आता है 1150 रुपये का बिल
मोहल्लेवालों ने बताया कि हर साल 1150 रुपये का बिल आता है। पिछले वर्ष दो साल का बिल आया था। बिल को लेकर पिछले साल जब जल संस्थान गए तो अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि जब तक पानी नहीं आएगा, बिल नहीं दिया आएगा। इस वर्ष भी कुछ लोगों के बिल आए।
लोगों की बात
धर्मेंद्र कुमार कठेरिया ने बताया कि दो साल हो गए हैं, एक बूंद पानी नहीं आया। कई बार शिकायत की, मगर कोई समाधान नहीं निकाला गया। अब तो शिकायत करना ही छोड़ दिया है।
रंजना ने कहा कि घरेलू कामकाज से पहले सबसे बड़ी चिंता होती है कि पानी कहां से आएगा। पड़ोस में जब सबमर्सिबल चलता है तो वहीं से थोड़ा बहुत पानी भरते हैं। हमारे नलों में तो वर्षों से पानी नहीं आया।
रामदास ने कहा कि जब पानी नहीं आ रहा है तो बिल किस बात का भेजा जा रहा है। जल संस्थान वाले इसका जवाब नहीं देते। शिकायत करो तो सुनवाई नहीं होती। पानी के लिए पड़ोसी ही सहारा हैं।
धीरज ने बताया कि इस मोहल्ले की पानी की समस्या काफी पुरानी है। तीन साल पहले जब नल लगे थे, तब लगा था कि अब परेशानी खत्म होगी, लेकिन उल्टा बिल देकर हमें और असुविधा मिल गई।
समस्या की जानकारी नहीं है। जल्द टीम भेजकर मौके पर जांच कराई जाएगी कि बिना सप्लाई के बिल कैसे भेजे जा रहे हैं। हर हाल में नलों में पानी की आपूर्ति शुरू करवाई जाएगी।
-सोमप्रकाश, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
फोटो14- सबमर्सिबल से पानी भरते मोहल्ले के लोग। संवाद