बड़ी माता मंदिर में आयोजित भंडारे में प्रसाद छकते भक्त
- फोटो : अमर उजाला
श्रीमद्भागवत कथा, शतचंडी महायज्ञ एवं शिवार्चन के समापन पर भंडारे का आयोजन सोमवार को किया गया। इसमें दूर दराज से आए हजारों श्रद्घालुओं ने प्रसाद छका। आयोजन के मुख्य आचार्य पंडित संजय रावत ने बताया कि धार्मिक आयोजन की समाप्ति के बाद भंडारा कराने का बहुत ही महत्व होता है और इससे अधिक महत्व इस भंडारे के प्रसाद का है। इस वजह से ही
प्रसाद ग्रहण करने के लिए लोगों में होड़ मचती है। उन्होंने बताया कि समय-समय पर ऐसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते रहेंगे। भगवताचार्य पंडित विष्णुकांत शास्त्री ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व के विषय में जानकारी दी। इस मौके पर रामेश्वरदयाल मिश्र शास्त्री, जयगोविंद मिश्र, शिवाकांत शास्त्री, मुन्नालाल रावत, मुकेश तिवारी, सागर बौहरे, अनुज मिश्र, अनुभव
गौतम, राहुल तिवारी, पंकज तिवारी, नवनीत मिश्र शास्त्री, छोटू तिवारी आदि ने शतचंडी यज्ञ संपन्न कराया। संजय अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, सागर अग्रवाल, विनोद चंसौलिया, विजयसिंह आदि मौजूद रहे।