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बेतवा उफनाई, कई गांवों में बाढ़

Tue, 12 Jul 2016 10:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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बाढ़ के चलते कोटरा क्षेत्र में घुसा पानी। - फोटो : अमर उजाला
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मध्य प्रदेश में हो रही मूसलाधार बारिश व बांध से पानी छोड़े जाने से बेतवा नदी उफना गई है। नदी के आसपास बसे गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। कोटरा स्थित बेतवा नदी का पानी गांव के अंदर तक आ गया है। इससे लोग भयभीत हैं। पानी बढ़ने से कोटरा से गुरसरायं संपर्कमार्ग पूरी तरह से कट गया है। इस मार्ग से जुडे़ आधा दर्जन गांवों का संपर्कभी टूट गया हैं। इसके अलावा मुहाना, मकरेछा, सिमिरिया में भी बेतवा उफनाने से बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। मंगलवार को एसडीएम ने मुहाना गांव पहुंचकर हालातों का जायजा लिया। इसके अलावा थानाध्यक्ष ने भी सिमिरिया, मकरेछा समेत कई गांवों का मुआयना किया।  जिले में बेतवा नदी का खतरे का निशान 122 मीटर पर है। मंगलवार की दोपहर तीन बजे तक यहां का जलस्तर 119.37 मीटर तक पहुंच गया। यहां पर नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। देर रात तक जलस्तर खतरे के निशान तक आ सकता है। पानी बढ़ने का प्रमुख कारण पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में हो रही मूसलाधार बारिश है। इसके चलते माताटीला बांध से ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। इससे बेतवा का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ने लगा है। इससे सैकड़ों गांवों में बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। बेतवा में जलस्तर बढ़ने से हमीरपुर, जालौन, झांसी जनपद के 366 गांव प्रभावित होते हैं। अगर यही हाल रहा तो बुधवार को बेेतवा किनारे बसे सैकड़ों गांवों में हालात भयावह हो सकते हैं। बेतवा का जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी कोटरा गांव में घुस आया है। इससे यहां के लोग सबसे ज्यादा भयभीत हैं। इसके अलावा मुहाना, मकरेछा, सिमिरिया आदि गांव भी बाढ़ संकट के मुहाने पर हैं। मौजूदा समय में कोटरा गुरसरायं संपर्क मार्ग कटा गया है। इसके साथ ही इससे जुडे़ बैतर, कुडरी, गोकुल, पहरा, खमा, प्रतापपुरा, रुखरा, बरमान, देवरी समेत इत्यादि गांवों का संपर्क भी टूट गया हैं, जबकि इन गांवों के लोगों का रोजाना कोटरा आना जाना था, लेकिन संपर्क कट जाने की वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मंगलवार को सदर एसडीएम संजय सिंह ने मुहाना गांव जाकर हालातों का जायजा लिया। इसके अलावा डकोर थानाध्यक्ष जाकिर हुसैन ने भी क ई गांवों में पहुंचकर नदी किनारे बसे लोगों को बाढ़ के संकट से निपटने के लिए अलर्ट रहने के निर्देश दिए।
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तिल की फसल बर्बाद, सब्जियां भी डूबीं
बेतवा में पानी बढ़ने के कारण नदी के आसपास खेती करने वालों की तिल, उर्द, मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। इसके साथ ही सब्जियां उगाने वाले लोग भी इसकी चपेट में आए हैं। नदी के आसपास उगी सब्जियां पानी में डूब चुकी हैं। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।

यमुना का भी जलस्तर बढ़ रहा
बेतवा के साथ ही यमुना नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। हालांकि यमुना खतरे के निशान से अभी काफी नीचे है। पर लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए अधिकारी पल-पल पर निगाह जमाए हुए हैं। यहां पर खतरे का निशान 108 मीटर पर है। वर्तमान में जलस्तर 97.68 पर पहुंच चुका है। 24 घंटे पूर्व जलस्तर 97.65 था। लगातार जलस्तर बढ़ने से जल आयोग के अधिकारी भी चिंतित हैं और हर घंटे यमुना का जलस्तर नापने में लगे हुए हैं। यहां पर भी नदी के आसपास की फसलें व सब्जियां पानी में डूबने की वजह से बर्बाद हो गई हैं। नदी किनारे बसे गांवों के लोगों ने बाढ़ संकट से निपटने के लिए प्रबंध करने शुरू कर दिए हैं।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे लेकर विभाग सचेत है और प्रत्येक घंटे नदी का जलस्तर नापा जा रहा है। नदी किनारे बसे गांव के लोगों को भी अलर्ट कर दिया गया है। -ज्ञान सिंह, स्थल प्रभारी, केंद्रीय जल आयोग
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