उरई। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने पर स्वयं सहायता समूह के माध्यम से ब्यूटी पार्लर की ट्रेनिंग ली और फिर खोला खुद का ब्यूटी पार्लर और अब खुद की आर्थिक स्थिति सुधारकर शहनाज अन्य लड़कियों को रोजगार दे रही हैं।
चुर्खी थाना क्षेत्र के अटरिया निवासी शहनाज (25) को मां की मौत के बाद चाची ने पाला। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण शहनाज पढ़ाई नहीं कर सकी। किशोरावस्था में दीदी की भी बीमारी से मौत हो गई। दीदी के दो बच्चे थे। परिवारीजनों के दबाव में शहनाज ने अपने जीजा के साथ निकाह कर लिया। निकाह के बाद शहनाज को भी एक बेटी हो गई। शहनाज बताती हैं कि उनके पति रिक्शा चलाते थे। घर की हालत दिन ब दिन खराब होती जा रही है। ऐसे में उसने कुछ कर गुजरने की ठानी। मोहल्ले के ही एक ब्यूटी पार्लर में जाकर सीखना चाहा लेकिन वहां कुछ ज्यादा नहीं सिखाया गया। इस पर उसने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से ब्यूटी पार्लर की ट्रेनिंग की। इसके बाद मोहल्ला बघौरा में ब्यूटी पार्लर खोल लिया। जिससे न सिर्फ स्वयं की आर्थिक स्थिति सुधारी बल्कि दूसरी लड़कियों को रोजगार दे रही है। शहनाज के मुताबिक बेटी कक्षा दो में पढ़ रही है। वह हर सामाजिक काम में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती हैं। जिले की प्रभारी मंत्री नीलिमा कटियार ने भी शहनाज को सम्मानित किया है।
संघर्षों से पाई शिक्षा, अब चलवा रहीं कैंटीन
उरई। पुलिस में जाने की इच्छा पूरी न होने पर बनाया स्वयं सहायता समूह और उससे जुड़ीं महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर समाज सेवा में सक्रिय हुईं तो प्रधान ने दिलवाई आशा वर्कर की नौकरी। अब नौकरी छोड़कर शहर में खोलीं प्रेरणा कैंटीनें और महिलाओं को दिया रोजगार। कदौरा क्षेत्र के ग्राम सुरहती निवासी प्रवीणा (30) बताती है कि उन्हें बचपन से पुलिस में जाने का शौक था लेकिन सफलता न मिलने पर भी हार नहीं मानी। गांव में एक संस्था के कहने पर उसने महिलाओं का समूह बनाए और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा। प्रवीणा बताती है कि कक्षा आठ तक ही पढ़ाई के बाद ही सादी हो गई थी। शुरू से ही समाज सेवा में सक्रिय प्रवीणा के इसी जज्बे को देख गांव के प्रधान ने उन्हें आशा वर्कर की नौकरी दिलवा दी। उसके काम को वह सामाजिक काम में जुड़ गई। इसी के साथ उसने धीरे धीरे बीए करने के बाद मास्टर आफ सोशल वर्कर की पढ़ाई की। इसी बीच आशा की नौकरी छोड़कर वह महिलाओं को रोजगार देने में जुट गई। प्रवीणा ने अधिकारियों के यहां जाकर शहर में प्रेरणा कैंटीन खुलवाने का काम किया। प्रवीणा ने जिला अस्पताल, सीएमओ आफिस, पीडब्लूडी आफिस और तहसील में महिलाओं को प्रेरणा कैंटीन खुलवाकर रोजगार से जोड़ा। सुरहती में ग्राम संगठन बनाया, जिसमें 50 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। प्रवीणा को आशा वर्कर के रुप में अच्छा काम करने के लिए वर्ष 2015 से 2018 तक कई बार सम्मानित किया जा चुका है।
बॉलीवुड में चमका रही हैं जनपद का नाम
जालौन। जनपद की नेहा साहनी ने अपनी प्रतिभा के दम पर मायानगरी कामयाबी के झंडे गाड़ रखे हैं। वह कामयाबी के पीछे माता-पिता की वह सोच मानती हैं जिन्होंने उनके साथ बेटा-बेटी वाला भेदभाव नहीं किया। नेहा ने इंटरमीडिएट तक की शिक्षा नगर के ही कन्हैयालाल अग्रवाल मेमोरियल इंटर कालेज से पूरी की। फिर वह पढ़ाई के लिए दिल्ली चली गई। जहां दोस्तों की सलाह पर माडलिंग का मन बनाया। इसी बीच नेहा के पास विज्ञापन व म्यूजिक एलबम में काम करने के प्रस्ताव आने लगे। तभी नेहा की मुलाकात मशहूर लेखक व निर्देशक फारूख बरेलवी से हुई। जिनकी मदद से नेहा को फिल्म लॉर्ड ऑफ शनिदेव में काम करने का मौका मिला। हाल ही में उनका म्यूजिक वीडियो एलबम मेरे ख्वाजा मेरे हमसफर भी रिलीज हुआ है। इसके अलावा वह पंजाबी व बॉलीवुड सिंगर बादशाह, गुरू रंधावा, रोशन प्रिंस के साथ एक दर्जन से अधिक म्यूजिक वीडियो में अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं। नेहा का कहना है कि उनके घरवालों खासतौर पर पापा मुकेश साहनी ने कभी भी उनके साथ बेटा बेटी वाला भेदभाव नहीं किया। शुरू में मम्मी को थोड़ा डर था कि लेकिन फिर उन दोनों ने कहा कि बेटा जो भी करना मन लगाकर करना, बस पापा मम्मी के यही शब्द उनके लिए प्रेरणा बन गए।
शहनाज- फोटो : ORAI
प्रवीणा- फोटो : ORAI