प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के संचालन की जिला स्तरीय मानीटरिंग समिति की बैठक शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। इसमें बताया गया कि खरीफ फसल के लिए बीमा धनराशि का दो प्रतिशत ऋणी किसानों के क्रेडिट कार्ड से काटा जाएगा। इसके लिए 31 जुलाई तक की समय सीमा है। बैंक शाखाएं 20 अगस्त तक बीमा कंपनी को प्रीमियम धनराशि जमा कराएंगी। अगर ऐसा नहीं हुआ तो
किसान की खरीफ फसल को बीमित नहीं माना जाएगा। बैठक में किसानों को टोल फ्री नंबर भी बताया गया और कहा गया कि इससे बीमा कंपनी से जानकारी ली जा सकेंगी।
बैठक में बताया गया कि जनपद में फसल बीमा कंपनी बदल गई है। अब तक फसलों का बीमा आईसीआईसीआई लोम्बार्ड कंपनी करती थी, अब लखनऊ एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी को अधिकृत किया गया है।
जिलाधिकारी संदीप कौर ने बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि किसानों को पूरी योजना की स्पष्ट जानकारी होना चाहिए। बैंकर्स को निर्देश दिया कि वह समय पर प्रीमियम धनराशि काटकर बीमा कंपनी को दें जिससे फसल बीमित हो सके। अगर प्रीमियम काटा जाता है और समय पर बैंक की ओर से जमा नहीं हुआ तो क्लेम बैंक प्रंबधन से वसूला जाएगा। बीमा कंपनी के प्रतिनिधि प्रशांत कुमार ने
बताया कि खरीफ फसल का बीमा कराने के लिए 31 जुलाई तक किसानों से प्रीमियम लिया जाता है। बैंक ऋणी किसानों से प्रीमियम लेने के उपरांत 20 अगस्त तक ड्राफ्ट एवं सभी प्रपत्रों के साथ कंपनी को जमा कर दें। इसके बाद जमा किए गए प्रपत्रों पर विचार नहीं होगा। गैर ऋणी किसान भी प्रीमियम धनराशि जमाकर फसल का बीमा करा सकते है। किसानों को बीमा संबधी जानकारी सरलता से मिल सके
इसके लिए टोल फ्री नंबर 18001030061 जारी किया गया है। उप कृषि निदेशक अनिल कुमार पाठक ने भी जरूरी जानकारी दी। इस मौके पर एडीएम आनंद कुमार, एलडीएम सिद्धार्थ पाल, भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम लंबरदार, प्रांतीय अध्यक्ष राजवीर सिंह आदि मौजूद रहे।