बार संघ चुनाव में पूरी कमेटी के निर्विरोध चुन लिए जाने के बावजूद अध्यक्ष
पद पर चार प्रत्याशियों के बीच चुनाव कराया गया। मंगलवार को तहसील स्थित
बार भवन में हुए मतदान में 290 मतदाताओं वाली बार में 253 वकीलों ने वोट
डाले। मतगणना के बाद अंबरीश रस्तोगी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अमरबाबू
पाठक को 69 वोटों के भारी अंतर से
शिकस्त देकर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया।
मंगलवार को ऐल्डर्स कमेटी के पुराने अध्यक्ष गया प्रसाद गुप्ता व उनके
सहयोगी चुनाव अधिकारियों ओमप्रकाश अग्रवाल सीनियर, कमलेश चोपड़ा, अवधेश
द्विवेदी तथा लालजी सिंह गुर्जर की देखरेख में तहसील स्थित बार भवन में
मतदान 10 बजे प्रारंभ हो गया। शाम 3.30 बजे तक 290 में से 253 अधिवक्ताओं
ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया था। इसके बाद और भी वकील वोट डालने आए
लेकिन उन्हें समय निकल जाने के कारण बैरंग लौटना पड़ा। चार बजे से मतों की
गिनती शुरू हुई और एक घंटे में परिणामों की घोषणा कर दी गई। इसमें
अंबरीश
रस्तोगी को 117, अमरबाबू पाठक को 48, हल्के सिंह बघेल को 44 तथा केबी
निरंजन को 42 वोट पर ही संतोष करना पड़ा। रस्तोगी ने अपने निकटतम
प्रतिद्वंद्वी को 69 मतों के अंतर से हराया। विजयी होने पर अंबरीश रस्तोगी
के समर्थकों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया।
ऐल्डर्स कमेटी ने भी दूरी बनाए रखी
मंगलवार को निपटे बारसंघ चुनाव में परिणाम जो भी आए हों लेकिन मौजूदा
कमेटी के अध्यक्ष विनोद अग्निहोत्री, महामंत्री माताप्रसाद अहिरवार के
अलावा ऐल्डर्स कमेटी के हालिया निर्वाचित अध्यक्ष महंत ब्रजभूषण दास,
सदस्यों संतलाल अग्रवाल, राजेन्द्रमोहन अवस्थी तथा वीरेंद्र लिटौरिया ने इस
चुनाव से दूरी बना कर रखी जो चर्चा का विषय रहा। इन लोगों ने अपने
वोट भी
नहीं डाले। विनोद अग्निहोत्री ने समूची चुनाव प्रक्रिया को कठघरे में खड़ा
करते हुए इसे अवैध करार दिया। उन्होंने कहा है कि जब बार काउंसिल ने
ऐल्डर्स कमेटी का अध्यक्ष ही बदल कर महंत ब्रजभूषण दास को बना दिया है तो
फिर इन चुनावों की वैधानिकता ही कटघरे में आ गई।
बार काउंसिल ने किया पक्षपात-गया प्रसाद
बार काउंसिल द्वारा हाल ही में हटाए गए ऐल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष गया
प्रसाद गुप्ता ने बार काउंसिल के इस निर्णय को सवालों के घेरे में ला दिया
जिसमें उन्हें सीनियर मोस्ट मानने से इंकार किया गया है। बार काउंसिल को
अपना निर्णय देने से पूर्व उनका भी पक्ष जानना चाहिए था। उन्हें गलत तथ्यों
के आधार पर हटाया गया है और मौजूदा बार कमेटी ने भी
बार काउंसिल को भ्रामक
पत्राचार कर उनके खिलाफ साजिश रची गई है। बताया कि महंत ब्रजभूषण दास को
उनसे पहले का प्लीडर मान कर अध्यक्ष बना दिया गया जबकि वह महंत से पहले ही
बतौर प्लीडर अपना पंजीकरण जिला जज झांसी के यहां करा चुके थे।