उरई। यमुना नदी को अविरल और निर्मल बनाने के संकल्प के साथ बुंदेलखंड की 620 जल सहेलियों की ओर से निकाली गई करीब 500 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का समापन हो गया। रविवार को उरई के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में जल सहेलियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे नदी संरक्षण के लिए जनजागरण का महत्वपूर्ण अभियान बताया।
यह पदयात्रा 29 जनवरी को जालौन जिले के पचनदा धाम से शुरू होकर 26 फरवरी को दिल्ली के वासुदेव घाट पर जाकर समाप्त हुई। यात्रा के दौरान जल सहेलियां गांव-गांव, शहर-शहर पहुंचीं और लोगों को यमुना की वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। जल जन जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक संजय सिंह ने बताया कि नदी संरक्षण के लिए अभियान जारी रहेगा। यात्रा के बाद जलशक्ति मंत्री से मुलाकात कर यमुना तटवर्ती क्षेत्रों में तालाब, चेकडैम और रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण कर वर्षा जल संचयन बढ़ाने समेत कई सुझाव दिए। कार्यक्रम में गायत्री, माया, सुधा, सीता, रेखा, पुष्पा कुशवाहा, शिवमंगल सिंह और वरुण सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।