जहां शटर नहीं गिरा होता था तो वहां लोगों की लाइन लग जाती थी और वहां पहुंचने पर नो कैश लिखा मिलने पर मायूस होकर लौट आते थे। इन चार दिनों की छुट्टी ग्राहकों को भारी पड़ी। लोग कैश के लिए शहर के एटीएम के चक्कर लगाते रहे। अमर उजाला की टीम ने शहर के एटीएम की स्थिति देखी तो कहीं ताले लटक थे तो कहीं कैश न होने पर लोग वापस आ रहे थे। बता दें कि जिले में इलाहाबाद बैंक लीड बैंक है। यहां इसकी 29 शाखाएं और चार एटीएम हैं।
जबकि स्टेट बैंक की 12 शाखाओं के 18 एटीएम हैं। जिले में 22 बैंकों की 150 शाखाओं के माध्यम से 79 एटीएम संचालित होते हैं लेकिन होली के चार दिन के अवकाश के दौरान सभी एटीएम दगा दे गए। 21 व 22 को होली का अवकाश, 23 को सेकेंड सटरडे व 24 को रविवार का अवकाश होने के चलते एटीएम में कैश की किल्लत हो गई। इसके बाद लोगों को परेशानी शुरू हो गई। कैश की तलाश में ग्राहकों ने सभी बैंकों के एटीएम छान मारे लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लगी। अमर उजाला की टीम ने 10.50 बजे से दो बजे तक शहर के एटीएम का नजारा देखा तो ग्राहकों को कैश की किल्लत से जूझते देखा।
समय 10.50 बजे। स्थान स्टेशन रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक का एटीएम। इस एटीएम पर ताला लटक रहा था।
समय-11.05 बजे। स्थान राजमार्ग की स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के तीनों एटीएम की शटर गिरी थी और बाहर से गेट पर ताला लटक रहा था।
समय-01.40 बजे। स्थान स्टेशन रोड की कारपोरेशन बैंक की शाखा। यहां एटीएम तो खुला था लेकिन उसमें कैश नहीं था। लोग मायूस होकर लौट रहे थे।
समय-02.00 बजे। झांसी रोड स्थित स्टेट बैंक के एटीएम पर तेज धूप में भी लाइन लगी थी। लेेकिन वहां एटीएम आउट आफ सर्विस बता रहा था, इससे लोग लौट रहे थे।
बैंक प्रशासन को इंतजाम करना चाहिए
शहर के मोहल्ला इंदिरानगर निवासी पेशे से शिक्षक हरपाल सिंह का कहना है कि घर में जो कैश था, वह त्योहार में खर्च हो गया। अब उन्हें रुपये की जरूरत थी तो वह शहर के भर के एटीएम पर घूम आए लेकिन कहीं कैश नहीं मिला। उनका कहना है कि चार चार दिन तक एटीएम बंद रहते थे, इसका बैंक प्रशासन को कुछ इंतजाम करना चाहिए। मोहल्ला रामनगर निवासी प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी जीतेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि वह लखनऊ में नौकरी करते हैं। होली के त्योहार के चलते घर आए थे। सोचा था कि वापसी में कैश निकाल लेंगे लेकिन आज लगभग सभी बैंकों को एटीएम के चक्कर लगा लिए लेकिन कहीं सफलता नहीं मिली।