उरई। कोरोना संक्रमण के दौर में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही आशा और संगिनी को सरकार ने प्रोत्साहन राशि देने का फैसला लिया है। इसके तहत आशा को हर महीने प्रोत्साहन राशि के रुप में एक हजार और संगिनी को पांच सौ रुपये दिए जाएंगे। आशा और संगिनी के खाते में अप्रैल और मई महीने की प्रोत्साहन राशि भेज दी गई है।
डीसीपीएम डा. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में ग्रामीण क्षेत्र में 1207 और शहरी क्षेत्र में 45 आशाओं समेत 1252 आशा वर्कर और 47 संगिनी हैं। कोरोना के दौर में आशाएं शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में घर-घर जाकर प्रवासी मजदूर, बाहर से आने वाले लोगों के साथ ही देश के दूसरे राज्यों या विदेश से आने वाले लोगों का सर्वे कर रही हैं। गांव-गांव और मोहल्लों में बनाई गई निगरानी समिति में भी आशा वर्कर को शामिल किया गया है।
उन्हें क्वारंटीन भी करा रही हैं। साथ ही सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक भिजवा रही है। इस संक्रमण के दौर में जान जोखिम में डालकर वह काम कर रही है। ऐसे में उन्हें सरकार ने प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। एसीएमओ डा. बीएम खैर ने बताया कि शासन के निर्देश पर आशा व संगिनी के खातों में अप्रैल व मई की प्रोत्साहन राशि भिजवा दी गई है। जल्द ही मार्च और जून की भी प्रोत्साहन राशि भिजवा दी जाएगी। बताया कि यह प्रोत्साहन राशि अग्रिम आदेशों तक मिलती रहेगी।