उरई। अवैध रूप से बंदूक और कारतूस रखने के 12 साल पुराने मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई है। साथ ही दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
शहर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अजयवीर सिंह यादव ने पुलिस बल के साथ 3 मार्च 2013 को जालौन रोड पर चेकिंग अभियान चलाया था। इसी दौरान कुकर गांव निवासी फारुख खां को संदिग्ध हालात में पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक दुनाली बंदूक और कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए अदालत में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। मामले की विवेचना पूरी कर पुलिस ने 26 अप्रैल 2013 को आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। ट्रायल के दौरान वादी समेत अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
बुधवार को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अपर जिला जज (प्रथम) सतीश चंद्र द्विवेदी ने आरोपी फारुख खां को दोषी पाते हुए दो साल के कारावास की सजा और दो हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।