उरई। सोमवार को जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान डीएम की फटकार का असर दिखा। रातों-रात ओपीडी में पर्चा काउंटर के आसपास दस पंखे, कूलर और कई कुर्सियां डाल दी गईं। इसके साथ ही धूप से बचाव के लिए भी पर्दा भी लगवा दिया गया है। मरीजों की शिकायत पर डीएम के आदेश पर काम में लापरवाही, बाहर की दवाएं लिखने के मामले में सीएमएस डॉ. अनिल राज ने चेस्ट फिजीशियन से स्पष्टीकरण मांगा है।
बता दें कि डीएम राजेश कुमार पांडेय ने सोमवार की सुबह जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान उन्हें कई अव्यवस्थाएं मिली थीं। तब सीएमएस डॉ. अनिल राज ने अव्यवस्थाओं के लिए ठेकेदारों को जिम्मेदार ठहराया था। इस पर डीएम ने ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मंगलवार को सीएमएस ने सीएमओ को पत्र लिखकर जिला अस्पताल में बिजली ठेकेदार विक्रम और सिविल ठेकेदार अखलाक के खिलाफ उचित कार्रवाई की संस्तुति की। ऐसे में दोनों ठेकेदारों पर जल्द गाज गिरने की संभावना है।
उधर, मंगलवार की सुबह सीएमएस ने जिला अस्पताल की ओपीडी और वार्ड का निरीक्षण किया। निरीक्षण में बी ब्लॉक में बैठने वाले चिकित्सक डॉ. अनुपम मिश्रा मरीजों को बाहर से दवाएं लिखते पाए गए। इस पर सीएमएस ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। सीएमएस ने बताया कि डीएम के सामने मरीजों की शिकायत पर चेस्ट फिजीशियन डॉ. शिवेश वर्मा और डॉ. अनुपम मिश्रा से स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
साढ़े आठ बजे से बाद नहीं लगा सकेंगे हाजिरी
जिला अस्पताल में सुबह साढ़े आठ बजे के बाद किसी भी चिकित्सक या स्टाफ को हाजिरी नहीं लगाने दी जाएगी। सीएमएस डॉ. अनिल राज ने बताया कि साढ़े आठ बजे वह उपस्थिति रजिस्टर अपने कमरे में रख लेंगे। चिकित्सकों की ड्यूटी रहेगी कि वह पहले वार्ड में भर्ती मरीजों को देखे और फिर ओपीडी में ड्यूटी करें। गैरहाजिर मिलने वाले चिकित्सक व स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पांच जगह ओआरएस काउंटर बनेंगे
डीएम के निर्देश पर वाटरकूलर ठीक कराए गए। इमरजेंसी, ओपीडी ए व बी ब्लॉक समेत पांच जगह ओआरएस काउंटर बनाए गए है। साथ ही अलग अलग स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में घड़े रखवाने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी और लू से बचाव के लिए बेहतर इंतजाम रखने को कहा गया है।
डीएम के बाद सीएमओ व सिटी मजिस्ट्रेट ने भी किया निरीक्षण
डीएम का फटकार का खासा असर देखा गया। डीएम के निरीक्षण के बाद सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने भी निरीक्षण किया। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट भी देर रात जिला अस्पताल पहुंचे और व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश देते हुए ठेकेदारों को फटकार लगाई।