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अटरिया व कहटा में अन्ना ने चरी 30 बीघा की फ सल

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आटा में खेत फसल चरते मवेशी - फोटो : ORAI
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प्रशासन के तमाम वादों के बीच जिले में अन्ना समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। स्थिति यह है कि रोजना अन्ना किसी न किसी क्षेत्र में किसानों के खेतों में घुसकर फसलों को नष्ट कर रहे है।
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इससे किसान परेशान है, तो वहीं अधिकारी जल्द ही इस समस्या के निस्तारण की बात कह रहे है। मंगलवार देर रात अटरिया व कहटा गांव में अन्ना के झुंड ने किसानों के खेतों में घुसकर 30 बीघा की फसल को नष्ट कर दिया। आक्रोशित किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
अन्ना मवेशियों के झुंड ने एक बार फिर क्षेत्र में आतंक मचाया और आधा दर्जन किसानों की 30 बीघा फसल नष्ट कर दी। इसमें अटरिया के किसान बुंदेला सिंह की 10 बीघा गेहूं व मटर, लड्डू सिंह की पांच बीघा गेहूं, श्री प्रकाश तिवारी चार बीघा मटर व ग्राम कहटा में किसान वीरपाल की चार बीघा लाही, बिंदा कोरी की दो बीघा मिर्ची, रज्जू राजपूत के पांच बीघा चना की फसल को देर रात अन्ना मवेशियों के झुंड ने चर ली, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी है।
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आर्थिक तंगी से जूझ रहे जिले के किसानों ने किसी तरह कर्ज लेकर बुआई तो कर ली, लेकिन अब अन्ना मवेशियों से फसल को बचाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। किसान दिन रात जागकर खेतों की रखवाली कर रहा है, लेकिन नजर चूकते ही अन्ना किसानों की फसल को नष्ट कर रहे है।
अटारिया के किसान का कहना है कि गोशाला का कार्य अधूरा पड़ा है और गांव 300 से भी अधिक अन्ना जानवर घूम रहे है, जो आए दिन किसी न किसी किसान के खेत में घुसकर नुकसान कर रहे है।
वहीं पर कहटा गांव के किसानों का है कि न तो गांव में गोशाला है और न ही पशुपालक अपने जानवरों को बाध कर रखते है। इससे क्षेत्र में अन्ना समस्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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