कदौरा। छुट्टा जानवरों की धमाचौकड़ी लगातार जारी है। सोमवार सुबह अन्ना मवेशियों के झुंड ने किसानों की 34 बीघा फसल रौंद दी। इससे पहले से मौसम की मार झेल रहे किसानों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ा रहा है। प्रशासन की लाख कवायद के बाद भी अन्ना मवेशियों पर अंकुश नहीं लगाया जा सका है।
किसानों ने बताया कि वह लोग बेरी रोड स्थित अंत्येष्टि स्थल के नजदीक बलखट खेत लेकर फसलों की बुवाई की थी। रात-रात भर ठंड में जागकर वह खेतों की रखवाली करते हैं। उसके बाद कभी गोशालाओं से तो कभी पशुपालकों की लापरवाही से मवेशी फसल रौंद डालते हैं।
सोमवार सुबह अन्ना मवेशियों ने किसान सलाउद्दीन की सात बीघा मटर, इसरार की चार बीघा गेहूं, सुनील की तीन बीघा गेहूूं, लालजी की छह बीघा गेहूं व चंद्रशेखर की 14 बीघा मटर व गेहूं आदि की फसल नष्ट कर दी। खेतों में मवेशियों के झुंड घुसे होने की सूचना पर किसान एकजुट होकर मौके पर पहुंचे। मवेशियों को हाक कर भगाया। इस दौरान शिकायत करने पर किसानों और पशुपालिकों के बीच मारपीट तक की नौबत आ गई।
नगर पंचायत ईओ सुनील कुार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। पूर्व में 42 पशुपालकों को नोटिस देकर अन्ना मवेशियों को गोशाला में बंद कराया था। टीम गठित कर जल्द मवेशियों को पकड़ा जाएगा और दूध दुहने के बाद गोवंशों को छोड़ने वाले पशुपालकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम इकौना में चार व बरही गांव में 11 जनवरी को गोशाला से निकले गोवंशों ने 86 व 19 बीघा चना, मटर, लाही और गेहूं आदि की फसल नष्ट की थी। किसानों ने सचिव व प्रधान के खिलाफ कार्रवाई व मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।