मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे होमगार्डों व प्रशासन के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। होमगार्ड विभाग के जिला सहायक कमांडेंट की तहरीर पर पुलिस ने 78 होमगार्डों के खिलाफ 107/116 की कार्रवाई की है। इससे होमगार्डों में आक्रोश फैल गया है। संगठन के जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से आरपार की लड़ाई लड़ने की बात कही है। आठ अगस्त को लखनऊ में होने वाले
आमरण अनशन में शामिल होने के लिए जिले के करीब 500 होमगार्ड सोमवार को लखनऊ के लिए रवाना होंगे। पांच सूत्री मांगों को लेकर प्रदेशीय नेतृत्व के आह्वान पर जिले के सभी होमगार्ड एक अगस्त से कार्य बहिष्कार कर आंदोलन कर रहे हैं। तीन अगस्त को प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने बबीना उपचुनाव में ड्यूटी के लिए होमगार्ड एसोसिएशन के
पदाधिकारियों से कहा था और ड्यूटी न करने पर जेल भेजने की भी बात कही थी। इस पर होमगार्ड बिफर पड़े थे और उन्होंने कहा था कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन करेंगे। जरूरत पड़ने पर जेल जाने को भी तैयार हैं। इसके बाद प्रशासन बैकफुट पर आ गया था। अब होमगार्ड विभाग के जिला सहायक कमांडेंट अजय सोनकर ने उरई कोतवाली में तहरीर देकर 78
होमगार्डों के खिलाफ 107/116 (निवारक कार्रवाई) की कार्रवाई करा दी है। इससे होमगार्ड और भी आक्रोशित हो उठे हैं। रविवार को होमगार्ड्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कोमेश द्विवेदी ने विकास भवन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि होमगार्ड प्रशासन के दबाव में आने वाले नहीं हैं। जब तक मांगें पूरी नहीं होगीं, तब तक आंदोलन जारी रखेंगे। प्रशासन चाहे तो
हम सभी को जेल भिजवा दे। उन्होंने बताया कि आठ अगस्त को लखनऊ में होने वाले आमरण अनशन में जिले के करीब पांच सैकड़ा होमगार्ड हिस्सा लेंगे। इसके लिए सोमवार की सुबह वह लखनऊ के लिए रवाना होंगे। इस मौके पर धर्मेंद्र सेंगर, उदयभान, रामदास, विनोद सिंह, सीताराम, रामऔतार, रामकिशोर, महेंद्र शर्मा, सतीश शर्मा आदि मौजूद रहे।