सीएमओ कार्यालय में अचल प्रशिक्षण केंद्र में मौजूद प्रतिभागी
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उरई। अनमोल एप के माध्यम से अब एएनएम अपना सभी प्रकार का डाटा एप में आनलाइन अपलोड करेंगी। जिसमें योग्य दंपति, गर्भवती एवं शिशु से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी को एप में भरा जाना है। इसे लेकर तीन दिवसीय प्रशिक्षण सीएमओ कार्यालय स्थित अचल प्रशिक्षण केंद्र में किया गया। जिसमें सभी ब्लाक की दो एएनएम और शहरी क्षेत्र से एक एएनएम तथा ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक को प्रशिक्षित किया गया।
एनएचएम के डीपीएम डा. प्रेमप्रताप सिंह ने बताया कि इस एप में एएनएम किसी भी समय डाटा अपलोड कर सकती है। यदि उस समय नेटवर्क नहीं आ रहा है तो आफलाइन भी डाटा भरा जा सकेगा। जैसे ही वह नेटवर्क क्षेत्र में आएगी। डाटा अपने आप आरसीएच पोर्टल पर अपलोड हो जाएगा। एएनएम डाटा भर सकते हैं। सतर्कता बरतें, क्योंकि इसमें अपलोड होने के बाद सुधार की गुंजाइश नही रहेगी।
मास्टर ट्रेनर उमेश द्विवेदी ने बताया कि यह एप तीन तरह से काम करेगा। जिसमें पहले जैसे ही महिला की शादी होती है तो उसे योग्य दंपति की श्रेणी में रखते हुए उन्हें अनमोल एप पर योग्य दंपति की श्रेणी में पंजीकृत किया जाता है। एएनएम लगातार उसकी निगरानी करेगी। उसके गर्भवती होने पर दूसरे चरण में उसका डाटा गर्भवती महिला की श्रेणी में अपलोड करेगी और आरसीएच आईडी भी बना दी जाएगी और यह आईडी स्थायी हो जाएगी। यदि वह जिले के बाहर प्रदेश के किसी दूसरे हिस्से में भी जाती है तो गर्भवती महिला को उसी आईडी पर सभी प्रकार की सेवाएं मिलेंगी।
प्रसव के बाद शिशु का जन्म होने के बाद शिशु की भी आईडी एएनएम अनमोल एप पर बनाएगी। शिशु को भी टीकाकरण की सुविधाएं इसी आईडी के जरिए मिलेगी। इसके अलावा हेल्थ मैनेजमेंट इनफोर्मेशन सिस्टम, आरसीएच (रिप्रोडक्टिव हेल्थ केयर) यूपी हेल्थ डेसबोर्ड आदि भी प्रशिक्षण दिया गया।
गर्भवती होने पर महिला की बनेगी यूनिक आईडी
महिला के गर्भवती होने के बाद यूनिक आईडी बनाए जाएगी, जो पूरे प्रदेश में मान्य होगी। महिला किसी भी सरकारी अस्पताल में आरसीएच आईडी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकती है। यही नहीं नवजात शिशु की भी यूनिक आईडी बनेगी, जिससे उसे प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में टीकाकरण लाभ मिल सकेगा।