एक दो नहीं पूरे 33 घंटे बिजली नहीं आई तो नगर के लोगों का गुस्सा भड़क
उठा। भाजपा कार्यकर्ताओं की अगुवाई में नगर के चंदकुआ चौराहे पर चक्का जाम
कर दिया गया। इससे नगर की यातायात व्यवस्था भी बेपटरी हो गई। ब्लैक आउट पर
बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। इसी के साथ सूबे की
सरकार भी निशाने पर
रही। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने पहुंच कर
प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन आंदोलनकारी बिजली से कम
किसी बात पर राजी नहीं थे। बाद में एक घंटे का मौका दिया और आक्रोश का ही
परिणाम था कि इसी एक घंटे में बिजली फॉल्ट मिल गया। इसे ठीक कर आपूर्ति
चालू कर दी गई। हालांकि कोंच में शट डाउन, ब्रेक डाउन तथा
ट्रिपिंग जैसी
समस्याएं आम है लेकिन 33 घंटे से बिजली के गुल हो जाने पर लोगों का गुस्सा
फूट पड़ा। उरई-कोंच के बीच आए फॉल्ट को ढूंढने में ही डेढ़ दिन और एक रात
का समय लग गया। बिजली व्यवस्था बेपटरी होने से आक्रोशित भाजपाई आम लोगों की
तरफदारी में सड़कों पर उतर आए और चंदकुआ चौराहे पर जाम लगा दिया। भाजपा के
पूर्व जिलाध्यक्ष
मूलचंद्र निरंजन, बारसंघ अध्यक्ष विनोद अग्निहोत्री, नगर
अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, पूर्व नगर अध्यक्ष सुनीलकांत तिवारी आदि की अगुवाई
में लोगों ने व्यस्ततम चंदकुआ चौराहे पर जाम लगा दिया और सरकार व विभाग के
खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों की मांग बिजली आपूर्ति को जल्द
शुरू कराने की थी। उधर, बिजली न होने से लोगों को एक-एक बूंद
पानी के लिए
भी परेशान होना पड़ा। इस दौरान नरोत्तम स्वर्णकार, राकेश वर्मा, नरेश
वर्मा, अंकित सोनी, मिरकू महाराज, सागर अग्निहोत्री, धर्मेंद्र राठौर,
श्यामविहारी तीते, अमित उपाध्याय, जगदीश अग्रवाल, महेन्द्र सोनी लला, विकास
पटेल धनौरा, अनिल अग्रवाल, उदय सोनी, अजय सोनी, बलराम डेंगरे, डीके सोनी,
दीपू अग्रवाल, शैलेंद्र नगरिया, दीपक मिश्रा
सहित तमाम लोग ने कहा कि सपा
सरकार बिजली के नाम पर लोगों के साथ मजाक कर रही है। न तो गांव में बिजली
मिल रही और न नगरीय इलाके में। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने लोगों को
समझाने का प्रयास किया। बाद में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एक घंटे में कमी
दूर न हुई तो वह बाजार बंद कर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद एक घंटे के अंदर
फाल्ट ढूंढ लिया गया और मरम्मत कर आपूर्ति चालू कर दी गई।