आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बुधवार को शहर के टाउन हाल मैदान से जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। अंबेडकर चौराहे पर कार्यकत्रियों ने सड़क जाम कर दी। इससे दोनो ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गईं। स्थानीय पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। कार्यकत्रियों को समझाया तब जाकर जुलूस कलक्ट्रेट की ओर आगे बढ़ा। इस दौरान कार्यकत्रियां चम्मच से थाली
कटोरी बजाते चल रही थीं। इस दौरान केंद्र व प्रदेश की सरकार पर निशाना साधा। कहा कि न्यूनतम मानदेय 18 हजार रुपये करने तथा उन्हें राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग जायज है। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले शहर के टाउन हाल मैदान पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एकत्रित हुई। यहां से जुलूस की शक्ल में थाली कटोरी बजाते हुए आगे
बढ़ीं। शहीद भगत सिंह चौराहा होते हुए जुलूस अंबेडकर चौराहा पर पहुंचा। यहां कार्यकत्रियों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पाकर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और कार्यकत्रियों को समझाकर जाम हटवाया। इसके बाद जुलूस जिला परिषद तिराहा होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचा। प्रदेश संगठन मंत्री अनीसा खातून ने कहा कि कार्यकत्रियों से चुनाव से लेकर
अन्य योजनाओं के कार्य कराए जाते हैं लेकिन उन्हें मजदूर के बराबर भी मानदेय नहीं मिलता। मांग की कि सरकार न्यूनतम मानदेय का निर्धारण करते हुए इसे 18 हजार रुपये करे। कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। राजेश कुमारी ने कहा कि सरकार इस ओर गंभीर नहीं हुई तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। वंदना उपाध्याय
ने कहा कि सरकार को चाहिए कि न्यायोचित मांगों पर शासनादेश जारी करे। कार्यकत्रियों ने आठ सूत्री मांग पत्र पढ़कर सुनाया गया। इस दौरान सुधा गुप्ता, गीता, नीलम, ऊषा, रत्नावती, आरती, कैलाशी, ममता, रामजानकी, नीलम गुप्ता, रेखा अवस्थी, किरन वर्मा, सुशीला तिवारी, आदि मौजूद रही।