किसानों के लिए सरकार की सबमिशन आन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना खुशियों
की सौगात लेकर आई है। इसमें किसानों को चारा काटने की मशीन से लेकर अन्य आठ
प्रकार के कृषि यंत्र अनुदान पर मुहैया कराए जाएंगे। इतना ही नहीं कृषि
यंत्रों की कमियों को दूर करने के लिए किसानों को मैकेनिक का प्रशिक्षण
मुफ्त में दिया जाएगा। इससे किसानों को
परेशान न होना पड़े और एक रोजगार का
अवसर भी मिल सके। किसानों को इस योजना का लाभ लेने के लिए बस 20 फरवरी तक
आवेदन करना होगा। इसके बाद किसानों का चयन होगा। गौरतलब हो कि सरकार की ओर
से किसानों के लिए लाभकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं जिससे वह कृषि के
क्षेत्र में आगे बढ़कर अच्छा मुनाफा कमा सकें। इसी क्रम में
सबमिशन आन
एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना में 150 कृषि यंत्रों को किसानों को देने का
लक्ष्य तय किया गया है। इसमें किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र मुहैया
कराए जाएंगे। योजना का लाभ पंजीकृत किसानों को ही दिया जाएगा। इसके लिए
किसानों को 20 फरवरी तक कृषि विभाग में आवेदन जमा करना है। किसानों को एक
ओर जहां कृषि यंत्र
अनुदान पर दिए जाएंगे वहीं मैकेनिक का प्रशिक्षण मुफ्त
में दिया जाएगा। प्रशिक्षण शिविर में ट्रैक्टर के लिए 20 किसान प्रशिक्षित
किए जाएंगे। इसके अलावा अन्य यंत्रों के लिए भी प्रशिक्षण दिया जाना है।
विभागीय अधिकारियों की माने तो राज्य स्तरीय ट्रैक्टर एवं फार्म मशीनरी
प्रशिक्षण दिया जाएगा।
21 रोटावेटर, 30 थ्रेसर
योजना में
150 कृषि यंत्रो का जो लक्ष्य मिला है उसमें 21 रोटावेटर किसानों को दिए
जाएंगे। इसके अलावा 30 थ्रेसर, हस्त चलित चारा काटने की मशीन 27, हैंड
विलोइंग फैन 27, ड्रम सीड्रिल 27, रसायन छिड़काव की स्प्रे मशीन 18, लेजर
लेबरल 03, मल्टी क्राप थ्रेसर 01, जीरो ट्रिल सीड्रिल 08 का वितरण होगा।
वर्जन
पंजीकृत
किसानों को ही योजना का लाभ मिलेगा। किसानों को 20 फरवरी तक आवेदन करना है
इसके बाद कृषि यंत्रों के लिए चयन किया जाएगा। योजना के संचालन में
पारदर्शिता रहे इसके लिए पहले पंजीकृत कराने वालों को लाभान्वित किया
जाएगा।- अनिल कुमार पाठक, उप कृषि निदेशक, जालौन