उरई। उमरारखेरा में बुधवार को इंटर के छात्र ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। हादसे के समय घर में कोई नहीं था। मां और नानी बाजार गए थे। परिजन आत्महत्या की वजह नहीं बता पा रहे हैं। परिजनों ने पंचनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के कराने के लिए मना कर दिया।
कानपुर के कैनाल रोड निवासी प्रमोद धानुकार की पत्नी प्रीति इकलौते बेटे अग्रिम धानुकार (18) के साथ शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला उमरारखेरा स्थित मां ऊषा रानी के यहां रहती हैं। उसका बेटा अग्रिम शहर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में इंटर का छात्र था। इस समय उसके प्री बोर्ड के पेपर चल रहे है। परिजनों ने बताया कि बुधवार को वह पेपर देने के बाद घर लौटा और अपने कमरे में चला गया।
मां व नानी सामान लेने के लिए बाजार चली गईं। इसी दौरान अग्रिम ने दुपट्टे का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब मां व नानी घर लौटी तो उसका दरवाजा बंद देख काफी देर तक खटखटाती रहीं। दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने खिड़की से झांककर देखा तो अग्रिम का शव फंदे पर लटक रहा था। चीख सुन आए लोगों ने दरवाजा तोड़ा।
परिजनों ने बताया कि पिता कानपुर में रहकर व्यवसाय करते हैं। वह मां के साथ नानी के घर में रह रहा था। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। परिजन आत्महत्या की वजह नहीं बता पाए हैं। सीओ अर्चना सिंह का कहना है कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया था। जांच की जा रही है।