फोटो-09 बुजुर्ग महिला से संवाद करते हुए विधायक।संवाद
– उमरारखेरा पहुंचे सदर विधायक, बुजुर्ग महिला के आंसुओं पर दिया भरोसा, सभासद ने लगाए आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। अम्मा, रोइए मत और हाथ न जोड़िए...। हम विधायक हैं...। आपकी सड़क हम ही बनवाएंगे...। आपकी जो भी समस्या है, उसका समाधान होगा। आपने पहले बताया होता तो अब तक सड़क बन भी चुकी होती।
यह भावुक संवाद उस समय सामने आया जब सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा गुरुवार को उमरारखेरा की नई बस्ती में पहुंचे। बस्ती की बुजुर्ग महिलाएं समस्याएं बताने लगीं और कुछ रोते हुए उनके सामने हाथ जोड़ने लगीं। इस पर विधायक ने उन्हें रोकते हुए बैठाया और पानी पिलाकर ढांढस बंधाया। विधायक ने मौके पर ऐलान किया कि दो सड़कें अपनी विधायक निधि से बनवाएंगे। इसके लिए सभासद माता प्रसाद को निर्देश दिया गया कि जल्द नापजोख कराएं।
उमरारखेरा की नई बस्ती के लोग वर्षों से सड़क और पुलिया की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई। अब हालात इतने बिगड़ गए हैं कि स्कूली बच्चों का निकलना भी मुश्किल हो गया है। कबूतरा डेरा और नई बस्ती में लगभग 80 से 100 मकान बन चुके हैं। यहां करीब 700 से 800 लोग रहते हैं, मगर मूलभूत सुविधाएं नदारद हैं। बुधवार को बस्ती के करीब 50 से 60 लोग विधायक और पालिकाध्यक्ष के आवासों पर पहुंचे थे और जमकर नारेबाजी की थी, लेकिन कोई जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं मिला।
विधायक ने उस समय लखनऊ में होने की जानकारी दी थी और गुरुवार को आने का भरोसा दिया था। वादे के अनुसार विधायक गुरुवार सुबह 10 बजे बस्ती पहुंचे। उनके सामने कई महिलाएं समस्याएं लेकर पहुंचीं। किसी ने कहा कि गर्भवती महिला को अस्पताल नहीं ले जाया जा सका, मोहल्ले में ही डिलीवरी हो गई।
चार से पांच फीट तक कीचड़ जमा है। पैदल चलना तक मुश्किल है, वाहन तो दूर की बात है। कीड़े-मकोड़े और बीमारियों का खतरा हर समय मंडराता रहता है। मौके पर मौजूद सभासद माता प्रसाद ने पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि पर कई गंभीर आरोप लगाए और कार्य न किए जाने की शिकायत की।
इस पर विधायक ने कहा कि वह हमारी पार्टी के हैं, हम सब मिलकर काम करेंगे। वीरपाल सिंह, संजय वर्मा, कमलेश, भूपेंद्र सिंह, अनिल कुमार, रमेश, अरविंद और प्रतिपाल सिंह ने बताया कि बस्ती के बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं, और हर दिन किसी न किसी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि विजय चौधरी ने बताया कि वार्ड नंबर सात और दो में वर्षों से कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। कई सड़कें स्वीकृत हैं, जिन्हें बारिश के बाद बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को इस स्थिति में धैर्य रखना चाहिए।