उरई (जालौन)। आटा कस्बे में लापता किशोरी की हत्या व आंख में तेजाब डालने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एएसपी ने बताया कि आरोपी ने हत्या के अलावा दुष्कर्म के प्रयास की भी बात स्वीकार की है। अपराधी प्रवृत्ति के आरोपी पर पहले भी दुष्कर्म का मामला दर्ज है। पुलिस सूत्रों की मानें तो थाने में आरोपी ने बताया कि महिला के घर में घुसने की घटना के बाद पकड़े जाने के बाद से जब कभी भी किशोरी उसे देखती थी कि थूककर उसे चिढ़ाती थी।
एएएसपी डा.अवधेश सिंह ने एसपी कार्यालय में मामले का खुलासा करबताया कि आटा कस्बे के एक मोहल्ला निवासी मजदूर पिता ने पुलिस को तहरीर दी थी कि शनिवार शाम उसकी 15 वर्षीय पुत्री अपनी दो सहेलियों के साथ घर से शौच के लिए निकली थी। उसके बाद वह लापता हो गई। इसके बाद रविवार की सुबह किशोरी का शव गांव के बाहर स्थित एक स्कूल के पास झाड़ियों में पड़ा मिला था।
पिता की तहरीर पर मामला दर्ज कर पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई थी। सोमवार सुबह थाना पुलिस व स्वाट टीम ने थाना क्षेत्र के भभुआ मजार के पास से आरोपी रंजीत अहिरवार पुत्र मलखान सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने दुष्कर्म करने की नीयत से ही किशोरी को पकड़ा था। जब विरोध करते हुए लड़की ने उसके बाल नोचकर चेहरे पर नाखून भी मार दिए तो उसने गुस्से में लड़की के गले में पड़े दुपट्टे से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी।
इसके बाद तेजाब डालकर उसकी पहचान मिटाने का प्रयास किया और शव झाड़ियों में छिपाकर भाग गया। वहीं आरोपी ने बताया कि महिला के घर में घुसने की घटना के बाद जब भी कभी किशोरी उसे देखती थी कि थूककर उसे चिढ़ाती थी। बस यही बात उसे बुरी लगी और उसने ठान लिया था कि किशोरी को भी सबक सिखाए बगैर छोड़ेगा नहीं। शनिवार की शाम उसे मौका भी मिल गया और दुष्कर्म के प्रयास में असफल होने पर उसने किशोरी के ही दुपट्टे से उसका गला एक झटके में कस दिया। पुलिस का कहना है पकड़े गए आरोपी पर आटा थाने में तीन मामले पहले से ही दर्ज हैं। इस मामले में हत्या व साक्ष्य मिटाने के अलावा अब पॉक्सो एक्ट व रेप का मामला भी दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तार करने वाली टीम को एएसपी ने पांच हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।
शांतिभंग की कार्रवाई कर छोड़ दिया था
23 जुलाई को आरोपी रंजीत कस्बे के एक घर में घुस गया था और महिला से अश्लीलता की थी। जिस पर महिला ने उसे कमरे में बंद कर ग्रामीणों की मदद से आटा पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने रंजीत को सिर्फ 151 में चालान कर छोड़ दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस ने उसी दिन ठीकठाक धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया होता तो शायद किशोरी आज जिंदा होती।
तीन शादियां कीं, दुष्कर्म का भी है आरोपी
ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी अपराधी प्रवृत्ति का है। वह गांव कस्बे में अक्सर छेड़खानी की घटनाएं किया करता था। इतना ही नहीं उसने तीन तीन शादियां कर रखी हैं और दुष्कर्म के एक मामले में जेल जा चुका है। सोमवार को उसी मामले में उसकी कोर्ट में तारीख भी थी। गांव की महिलाओं का कहना है कि ऐसे दरिंदे को तो कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि उसका हश्र देखने के बाद कोई दोबारा ऐसी हरकत करने की भी न सोच सके।
26 जुलाई को प्रकाशित खबर का पीडीएफ- फोटो : ORAI
अपर पुलिस अधीक्षक खुलासा करते- फोटो : ORAI