उरई। भारतीय खाद्य निगम के माल गोदामों में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायतों को संज्ञान में लेकर जिला विपणन अधिकारी ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने विभाग के मंडलीय अधिकारियों व डीएम को भेजे शिकायती पत्र में निगम के प्रबंधक पर भ्रष्टाचार सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
बता दें कि इस समय जिले में गेहूं खरीद चल रही है। इसे लेकर जिले में 86 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। जिनमें करीब 36 सौ एमटी की खरीद हुई है। खरीद के बाद सभी क्रय ऐजेंसियों को गेहूं (एफसीआई) भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में जमा कराना होता है। कई बार क्रय एजेंसियों के केंद्र प्रभारी एफसीआई के गोदामों में गाड़ी खाली कराने के नाम पर वसूली का प्रबंधक पर आरोप लगा चुके हैं।
जांच भी हुई लेकिन प्रबंधक की ऊंची पहुंच के चलते मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। सोमवार को खाद्य विपणन अधिकारी विकास तिवारी ने भी प्रबंधक पर गंभीर आरोप लगाकर जिलाधिकारी व खाद्य निगम के मंडलीय अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा है। जिसमें आरोप लगाया है कि गोदामों में ट्रकों की उतार में एक प्रबंधक व उनके सहयोगियों की ओर से पैसा मांगा जाता है। न देने पर गेहूं की गुणवत्ता खराब बताकर वापस कर दिया जाता है। आरोप है कि नियमानुसार मूवमेंट प्लान के अनुसार ट्रकों का उतारा नहीं जा रहा है।