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Jalaun News: बारिश में बंद हो जाते हैं तीनों रपटे, 30 हजार आबादी को मिलेगी राहत

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फोटो - 30 बजरिया को जाने वाले रास्ते में भरा पानी। फाइल फोटो।
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फोटो - 30 बजरिया को जाने वाले रास्ते में भरा पानी। फाइल फोटो।
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बजरिया, घटिया हनुमान मंदिर और रामनगर में 2.75 करोड़ से बनेंगे लघु पुल, लंबे समय से चली आ रही थी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। बारिश के दौरान शहर के तीन प्रमुख रपटों पर आवागमन और जलनिकासी की समस्या झेल रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। बजरिया, घटिया हनुमान मंदिर और रामनगर के रपटों पर अब लघु पुल बनाए जाएंगे। तीनों पुलों के निर्माण के लिए करीब 2.75 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। बजरिया रपटे पर करीब 90 लाख, घटिया हनुमान मंदिर के पास 93 लाख और रामनगर को झांसी रोड से जोड़ने वाले रपटे पर करीब 92 लाख रुपये खर्च होंगे। इन पुलों के बनने से करीब 30 हजार की आबादी को बारिश में होने वाली आवागमन और जलभराव की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।

बारिश में बजरिया रपटा बन जाता है बाधा

शहर के बजरिया मोहल्ले को जोड़ने वाला रपटा बारिश के दिनों में लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन जाता है। बारिश के बाद पानी बढ़ने पर इस रपटे से आवागमन बंद हो जाता है। इसके चलते आसपास के लोगों को जिला परिषद की ओर जाने के लिए करीब दो किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। इस समस्या के कारण करीब 20 हजार की आबादी प्रभावित होती है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वर्षों से यहां रपटे की जगह पुल बनाए जाने की मांग की जा रही थी। पानी बढ़ने पर पैदल और दोपहिया वाहनों से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। अब करीब 90 लाख रुपये की लागत से यहां लघु पुल का निर्माण कराया जाएगा। पुल बनने के बाद बारिश के दौरान पानी के ऊपर से आवागमन बाधित होने की समस्या खत्म होने की उम्मीद है।

घटिया हनुमान मंदिर से मातापुरा जाने वालों को भी राहत

शहर में घटिया हनुमान मंदिर के पास बना रपटा भी बारिश में आवागमन बाधित करता है। यह मार्ग मातापुरा मोहल्ले और बजरिया की ओर जाने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। बारिश के दौरान पानी बढ़ने पर रपटे से निकलना मुश्किल हो जाता है। कई बार आसपास के लोगों को घरों में ही रहने की मजबूरी बन जाती है।

स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद अब यहां करीब 93 लाख रुपये की लागत से पुल का निर्माण कराया जाएगा। पुल बनने से बारिश के दौरान रास्ता बंद होने की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी और दोनों मोहल्लों के बीच आवागमन सुचारु हो सकेगा।

रामनगर में जलनिकासी नहीं होने से बनती है बाढ़ जैसी स्थिति

रामनगर को झांसी रोड से जोड़ने वाले मार्ग पर बना रपटा भी बारिश में परेशानी बढ़ाता है। रपटे के आसपास पर्याप्त जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी जमा हो जाता है। पानी का बहाव रुकने से कई बार आसपास बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है। इससे करीब 10 हजार की आबादी प्रभावित होती है। रामनगर के इस रपटे पर करीब 92 लाख रुपये की लागत से पुल का निर्माण कराया जाएगा। पुल बनने से आवागमन के साथ जलनिकासी की समस्या में भी सुधार होने की उम्मीद है। बारिश के समय पानी बढ़ने पर मार्ग बंद होने की स्थिति से भी लोगों को राहत मिलेगी।

तीनों पुलों के निर्माण से बदलेगी शहर की कनेक्टिविटी

शहर के इन तीनों स्थानों पर बने रपटे बारिश के मौसम में लोगों के आवागमन में सबसे बड़ी बाधा बनते हैं। कहीं पानी बढ़ने से रास्ता बंद होता है तो कहीं जलनिकासी नहीं होने से आसपास के इलाके प्रभावित होते हैं। ऐसे में पुलों के निर्माण से केवल आवागमन ही सुचारु नहीं होगा, बल्कि बारिश के दौरान स्थानीय लोगों को होने वाली परेशानी भी कम होगी। तीनों परियोजनाओं पर कुल करीब 2.75 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बजट की मंजूरी मिलने के बाद अब निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है। लोगों को उम्मीद है कि काम जल्द शुरू होने से अगले बारिश के मौसम में उन्हें रपटों पर पानी बढ़ने के कारण रास्ता बंद होने की समस्या नहीं झेलनी पड़ेगी।
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वर्जन

तीनों पुलों के लिए बजट मंजूर हो चुका है। जल्द ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। पुल बनने के बाद बारिश के दौरान लोगों को आवागमन में होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी। - अमित कुमार सक्सेना, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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