अक्षय तृतीया (अक्ती) का पर्व सोमवार को जनपद के शहरी व ग्रामीण अंचलों में परंपरागत तरीके से उल्लास के साथ मनाया गया। परंपराओं में आस्था रखने वाली महिलाओं ने मिट्टी के घड़ों के नीचे देवल रख सोम पूजा की। वहीं, ग्रामीण अंचलों में किशोरियों ने पुतरे, पुतरियों का विवाह रचा कर रस्माें को निभाया। सोने चांदी के आभूषण की खरीददारी के प्रति भी
लोगों में खासा उत्साह नजर आया। वैशाख माह की तृतीया को मनाए जाने वाले अक्षय तृतीया के पर्व के बारे में मान्यता है कि इस दिन खेती किसानी से जुडे़ परिवारों की महिलाएं सोम पूजा करती हैं। इस दौरान मिट्टी के चार घड़ों के नीचे देवल (चने की दाल) रख देती हैं। इन्हें पूजन के बाद देखा जाता है कि वह कितने फूले हैं। यदि देवल अच्छी तरह से फूले मिलते हैं
तो उससे लोगों को बारिश के बेहतर होने के संकेत मिल जाते हैं। उसी के अनुरूप किसान अपने खेतों को तैयार करने में जुुट जाते हैं। इसके साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में किशोरियों ने
कपडे़ से बनाए गए पुतरा पुतरियों के विवाह की परंपराओं को भी पूरे उत्साह के साथ निभाया गया। नगरीय क्षेत्र में लोगों के घरों में सोम पूजन के अलावा सोने चांदी के आभूषण खरीदने में दिलचस्पी दिखाई दी। जिले भर के ज्वेलरी मार्केट सोमवार को खरीददारों से गुलजार नजर आए। माना जाता है कि इस दिन गहने खरीदना शुभ होता है।
बुंदेली परंपरा से कराई गुड्डे-गुड़िया की शादी
बुंदेलखंड में अक्षय तृतीया पर बुंदेली परंपरा के अनुरूप बच्चों ने गुड्डा, गुड़िया की शादी रचाई। इसमें दहेज लेने व देने पर भी विचार कर इस मानसिकता से दूर रहने का संदेश समाज को दिया गया। कदौरा में सोमवार को अक्षय तृतीया के पर्व पर बच्चों ने गुड्डा गुड़िया की शादी रचाई। गुड़िया पक्ष के लोगों ने गुड्डा पक्ष के लोगों के स्वागत की पूरी व्यवस्था की। कस्बा के
कट्टा अस्तबल में स्थित मां दुर्गा मंदिर परिसर में बच्चों ने गुड्डे को दूल्हा बनाया। फिर पूरे परिसर में डांस व डीजे के संगीत पर जमकर डांस करते हुए बारात गुड़िया के यहां पहुंची। अगवानी कर मिष्ठान के साथ बारात पक्ष का जोरदार स्वागत किया गया। पूरे रीति रिवाज से वैवाहिक रस्में पूरी की गईं। दहेज के नाम गुड़िया पक्ष के बच्चों ने गुड्डा पक्ष के लोगों से
कहा कि अपनी हैसियत के अनुसार हम गुड़िया का नया घर बसाने में पूरा सहयोग करेंगे। ज्योति, आरती, अंजली, मनसी, पीयूष कुमार, आनंद कुमार, अभय, अरविंद, शिवम आदि मौजूद रहे।