ब्राह्मण जाति नहीं बल्कि विचारधारा है। ब्राह्मणों ने हमेशा ही समाज और राष्ट्र के लिए कार्य किया है। ये बात अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अंजनी कुमार त्रिपाठी ने परशुराम जयंती के अवसर पर नालंदा स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही। महासभा व परशुराम सेना के संयुक्त तत्वावधान में भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में
नालंदा स्कूल में एक कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अंजनी कुमार त्रिपाठी ने कहा कि ब्राह्मण जाति नहीं बल्कि विचारधारा है। ब्राह्मणों ने हमेशा ही सभी धर्मों व जातियों को साथ लेकर समाज और राष्ट्र हित के लिए कार्य किया है। कहा कि महासभा ‘आरक्षण नहीं अमीरों को, संरक्षण सभी
गरीबों को’, के सिद्धांत को लेकर आरक्षण की लड़ाई लड़ रहा है। इसके लिए महासभा सरकार से सवर्ण आयोग गठित करने की मांग कर रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रविशंकर त्रिवेदी ने कहा कि आज समाज में जो भी छोटी बड़ी कुरीतियां फैली हुई हैं, उनके दूर किए जाने की अवश्यकता है। पूर्व मंत्री हरिओम उपाध्याय ने कहा कि भगवान
परशुराम किसी वर्ग विशेष के नहीं अपितु पूरे समाज के आराध्य हैं। अब ब्राह्मण समाज को संगठित करने का समय आ चुका है। कार्यक्रम का संचालन महासभा के नगर अध्यक्ष जेडी शुक्ला ने किया। इस मौके पर शिक्षक नेता योगेशचंद्र द्विवेदी, विश्ंाभर नारायण तिवारी, लक्ष्मीकांत द्विवेदी, शिवकुमार शास्त्री, विष्णु चतुर्वेदी, अजय पटसारिया, भगवानदास तिवारी एड., डॉ. बीके दुबे, राजेंद्र द्विवेदी नागराज, पिंटू सिहारी, नरेंद्र द्विवेदी, अनिल मिश्रा, केके शुक्ला, राजकुमार नायक, केशव नगाइच आदि उपस्थित थे।
समाज को दिशा देने में ब्राह्मण समाज का बड़ा योगदान
परशुराम जयंती सोमवार को शहर में धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर उरई में पूर्व मंत्री इंद्रजीत यादव के आवास पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में सर्वप्रथम भगवान परशुराम के चित्र पर फूल अर्पित किए गए। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री इंद्रजीत सिंह यादव ने कहा कि ब्राह्मण आदि-अनादि काल से ही पूजनीय
रहे हैं। उन्होंने हमेशा समाज को सही दिशा देने का काम किया है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद यादव ने कहा कि इस वक्त समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने की आवश्यकता है। इसके लिए ब्राह्मण समाज को फिर से आगे आना होगा। सपा नेता जयश्ंाकर द्विवेदी ने कहा कि परशुराम जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करना प्रदेश सरकार का
सराहनीय कदम है। इस मौके पर पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी, महेश द्विवेदी, रामबालक व्यास, लक्ष्मीकांत रावत, भगवती तिवारी, कर्मक्षेत्र अवस्थी, आलोक शुक्ला, कुलदीप चतुर्वेदी, मंजुल द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
जयंती पर निकाली शोभा यात्रा
भगवान परशुराम की जयंती व अक्षय तृतीया के अवसर पर सोमवार को भव्य शोभा यात्रा निकाल कर ब्राह्मण एकता का संदेश दिया गया। कामतानाथ चित्रकूट मुख्य द्वार के महंत रामानंदाचार्य रामस्वरूपाचार्य ब्रह्मचारी जी महाराज ने भगवान परशुराम का तिलक किया। अंत में ब्राह्मण महासभा परिसर स्थित भगवान परशुराम मंदिर में उनका अभिषेक किया
गया। इसके बाद आयोजित संगोष्ठी में ब्राह्मण समाज के बुजुर्गों व युवाओं नेे संदेश दिया कि ब्राह्मणेत्तर गतिविधियों को तिलांजलि दे संस्कारित जीवन जिएं। मुख्य अतिथि समाजसेवी कृपाशंकर द्विवेदी बच्चू महाराज रहे। जयंती के अवसर पर रामकुंड से शोभा यात्रा भी निकाली गई। मंडी गेट, मारकंडेयश्वर तिराहा, एसआरपी इंटर कॉलेज होकर शोभा
यात्रा क्रय विक्रय समिति पहुंची जहां समिति के अध्यक्ष हरिश्चंद्र तिवारी की अगुवाई में समिति के सदस्यों और कर्मचारियों ने शोभा यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान महासभा अध्यक्ष देवीदयाल रावत, पूर्व राज्यमंत्री हरिओम उपाध्याय, पूर्व ब्लॉक प्रमुख माधौगढ सुदामा दीक्षित तथा सनाढ्य सभा के अध्यक्ष रवींद्रबाबू शमा मौजूद रहे। ब्राह्मण महासभा के
संस्थापक अध्यक्ष सर्वाचरण वाजपेयी, लल्लूराम मिश्रा, ब्रजमोहन तिवारी खैरी, राघवराम शास्त्री, डॉ. विनोद पाठक, ओमप्रकाश कौशिक आदि ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को मिटाने का आह्वान किया।